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गुड़ और चीनी में कौन ज्यादा हेल्दी? जानिए शरीर पर दोनों का असर और एक्सपर्ट राय

नई दिल्ली। मीठा खाने की चाहत हर किसी में होती है, लेकिन जब बात सेहत की आती है तो सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि चीनी और गुड़ में से कौन ज्यादा बेहतर विकल्प है। दोनों ही खाने में मिठास जोड़ते हैं, लेकिन शरीर पर इनका असर अलग-अलग होता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि रोजमर्रा की जिंदगी में किसका सेवन ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है।

चीनी को आमतौर पर रिफाइंड प्रक्रिया से तैयार किया जाता है, जिसमें इसके प्राकृतिक पोषक तत्व लगभग खत्म हो जाते हैं और केवल शुद्ध कैलोरी बचती है। यही कारण है कि इसे खाली कैलोरी का स्रोत भी कहा जाता है। दूसरी ओर गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें कुछ प्राकृतिक खनिज जैसे आयरन, पोटैशियम और कैल्शियम मौजूद रहते हैं, जो शरीर के लिए कुछ हद तक लाभकारी माने जाते हैं।

गुड़ को पारंपरिक रूप से एक प्राकृतिक मिठास के रूप में देखा जाता है। कई लोग इसे सर्दी-जुकाम में राहत पाने, पाचन सुधारने और शरीर को ऊर्जा देने के लिए उपयोग करते हैं। भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ खाने की परंपरा भी इसलिए रही है क्योंकि यह डाइजेशन को बेहतर करने में मदद करता है। इसके अलावा महिलाओं में आयरन की कमी को पूरा करने में भी इसे उपयोगी माना जाता है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ पूरी तरह से बिना नुकसान वाला विकल्प है। किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। गुड़ में भी प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, जो अधिक मात्रा में लेने पर कैलोरी बढ़ा सकती है और वजन बढ़ने का कारण बन सकती है। इसलिए संतुलन बेहद जरूरी है।

वहीं दूसरी ओर सफेद चीनी का अधिक सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हुआ है। यह शरीर में ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाती है, जिससे तुरंत ऊर्जा तो मिलती है लेकिन वह जल्दी खत्म भी हो जाती है। लंबे समय तक अधिक चीनी का सेवन मोटापा, डायबिटीज, हृदय रोग और दांतों की समस्याओं का कारण बन सकता है। इसके अलावा यह त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी तेज कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर मीठे का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो गुड़ चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है। रोजाना लगभग 10 से 15 ग्राम गुड़ को सुरक्षित मात्रा माना जाता है, लेकिन यह व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करता है। सुबह गुनगुने पानी के साथ थोड़ा गुड़ लेना या चाय में चीनी की जगह सीमित मात्रा में गुड़ का उपयोग करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

डायबिटीज से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि गुड़ और चीनी दोनों में प्राकृतिक शुगर होती है जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में किसी भी मीठे पदार्थ का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

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