जानकारी के अनुसार, रविवार होने के कारण घाट पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ मौजूद थी। युवक शुरुआती तौर पर उथले पानी में नहा रहा था, लेकिन कुछ ही कदम आगे बढ़ते ही वह गहरे पानी में चला गया और संतुलन खो बैठा। देखते ही देखते वह डूबने लगा और आसपास अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि, घाट पर मौजूद नाविकों ने तुरंत स्थिति को भांप लिया और बिना देर किए नदी में कूदकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी इस तत्परता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया और युवक की जान बच गई।
चिंताजनक बात यह है कि बरमान घाट पर पिछले 12 दिनों में यह छठी घटना सामने आई है। इन घटनाओं में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य मामलों में समय रहते लोगों को बचा लिया गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी के इस हिस्से में पानी की गहराई अचानक बढ़ जाती है, जिसका अंदाजा बाहर से आने वाले लोगों को नहीं होता। इसी कारण अक्सर लोग गहरे पानी में जाकर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, बैरिकेडिंग की व्यवस्था हो और गोताखोरों की स्थायी तैनाती की जाए। हालांकि, लगातार हादसों के बावजूद अब तक सुरक्षा इंतजामों में कोई ठोस सुधार नहीं किया गया है।
फिलहाल, इस ताजा घटना के बाद एक बार फिर बरमान घाट की सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में आ गई है और प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।