VIT University Case : भोपाल/सीहोर। VIT भोपाल यूनिवर्सिटी में घटिया खाना, गंदा पानी और हॉस्टल सुविधाओं को लेकर छात्रों के वायरल वीडियो के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत संज्ञान लिया। CM ने खुद X (ट्विटर) पर पोस्ट कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी और साफ कहा, “विद्यार्थियों का हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
CM के सख्त निर्देश (VIT University Case)
1. सीहोर जिले की प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर को तुरंत VIT कैंपस पहुंचने के आदेश
2. मंत्री वहां छात्र-छात्राओं और प्रबंधन से सीधा संवाद करें
3. जिला प्रशासन को हॉस्टल-मेस की समस्याओं का तुरंत समाधान करने को कहा
4. उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को सभी निजी विश्वविद्यालयों की हाईलेवल समीक्षा के निर्देश
मंत्री कृष्णा गौर गुरुवार को कैंपस पहुंचीं (VIT University Case)
CM के निर्देश मिलते ही प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर गुरुवार सुबह VIT भोपाल कैंपस पहुंच गईं। पहले कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर और SP से पूरी स्थिति की जानकारी ली, फिर कैंपस में छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने मंत्री के सामने खाने की प्लेट और पानी की बोतलें भी दिखाईं।
छात्रों ने CM का स्वागत किया (VIT University Case)
VIT के छात्रों ने मुख्यमंत्री के त्वरित हस्तक्षेप का सोशल मीडिया पर स्वागत किया। एक छात्र ने लिखा, “पहली बार किसी CM ने इतनी जल्दी एक्शन लिया। उम्मीद है अब स्थायी समाधान होगा।”
पिछले दिनों VIT में खराब खाने से कई छात्र बीमार पड़ने और मेस-हॉस्टल में गंदगी के वीडियो वायरल हुए थे। इसके बाद छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन भी किया था। अब CM के दखल के बाद प्रशासन पूरी तरह हरकत में है और जल्द ही सभी निजी विश्वविद्यालयों की समीक्षा भी शुरू हो जाएगी।