पुलिस के अनुसार, रविवार देर शाम रक्षपाल कुशवाह अपने कुछ समर्थकों के साथ गौरी तालाब क्षेत्र में पहुंचे, जहां लंबे समय से निर्माणाधीन सीवेज लाइन का कार्य चल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अधूरे कार्य और सड़क पर खोदे गए गड्ढों को लेकर क्षेत्र में पहले से ही असंतोष था।
इसी दौरान विवाद की स्थिति बन गई और आरोप है कि नेता ने मौके पर सीवेज पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया तथा कर्मचारियों को धमकाया। लगभग 20 से 30 मिनट तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जिसके बाद मामला कोतवाली थाने पहुंचा। सीवेज कार्य से जुड़े कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि रक्षपाल सिंह कुशवाह पर इससे पहले भी बरेठा टोल प्लाजा आंदोलन के दौरान सीसीटीवी कैमरा तोड़ने का आरोप लग चुका है। उस मामले में भी उनके खिलाफ महाराजपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है।
वहीं दूसरी ओर बीएसपी नेता रक्षपाल कुशवाह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कार्रवाई एक जनप्रतिनिधि से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के कारण कराई गई है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की आगे जांच कर रही है। घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक माहौल को भी गर्मा दिया है।