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ओमान की खाड़ी में अमेरिकी कार्रवाई, नाकेबंदी तोड़ने पर जहाज के इंजन रूम पर दागी मिसाइल, किया निष्क्रिय


नई दिल्ली। ओमान की खाड़ी में अमेरिका ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाते हुए ईरान की ओर बढ़ रहे एक व्यावसायिक जहाज को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, गांबिया के झंडे वाले एम/वी लियान स्टार (M/V Lian Star) नामक जहाज ने अमेरिकी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरानी बंदरगाह की ओर बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद उसके इंजन रूम पर हेलफायर मिसाइल दागकर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।

20 से ज्यादा चेतावनियों के बाद हुआ एक्शन
CENTCOM के मुताबिक अमेरिकी बलों ने जहाज को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ओमान की खाड़ी से गुजरते हुए देखा था। जहाज के क्रू को रेडियो संदेशों के जरिए 20 से अधिक बार चेतावनी दी गई कि वह अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है और तुरंत अपना रास्ता बदले। लेकिन चेतावनियों के बावजूद जहाज आगे बढ़ता रहा।

हेलफायर मिसाइल से इंजन किया निष्क्रिय
अमेरिकी सेना ने बताया कि आदेश नहीं मानने पर एक सैन्य विमान ने जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाकर हेलफायर मिसाइल दागी। हमले के बाद जहाज का इंजन बंद हो गया और वह समुद्र में निष्क्रिय अवस्था में बहता रह गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार जहाज पर कब्जा नहीं किया गया है, लेकिन उसे ईरान पहुंचने से रोक दिया गया।

ईरान से युद्धविराम के बीच सख्त निगरानी
अमेरिका का कहना है कि ईरान के साथ लागू युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में नाकेबंदी और समुद्री सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। CENTCOM के अनुसार अप्रैल में नाकेबंदी शुरू होने के बाद यह छठा मामला है जब किसी जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई। अब तक 116 से अधिक जहाजों का मार्ग बदला जा चुका है और कई व्यावसायिक जहाजों को निष्क्रिय किया गया है।

वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों पर असर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस स्थिति का प्रभाव तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला पर भी देखा जा रहा है, जबकि क्षेत्र में युद्धविराम को आगे बढ़ाने को लेकर बातचीत जारी है।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री नाकेबंदी लागू करने के लिए इस तरह की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसका उद्देश्य नाकेबंदी लागू करना और समुद्री मार्गों पर नियंत्रण बनाए रखना है, न कि संघर्ष को और बढ़ाना।

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