Jabalpur News : जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे में टेक्नीशियन ग्रेड-3 की नौकरी पाने के लिए बिहार के मुंगेर (लोहची, पाटम) निवासी मुकेश कुमार ने गजब का फर्जीवाड़ा किया। 2024 की चयन परीक्षा में मुकेश की जगह कोई और बैठा, मेडिकल टेस्ट भी उसी ने दिया। रेलवे ने 10 नवंबर को मुकेश को प्रशिक्षण के लिए बुलाया, लेकिन 14 नवंबर को बायोमेट्रिक सत्यापन में फोटो और फिंगरप्रिंट मिसमैच हो गए। पूछताछ में मुकेश ने कबूल लिया कि परीक्षा और मेडिकल दोनों में साल्वर गया था।
आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज कर ली (Jabalpur News)
रेलवे ने तुरंत मुकेश को सेवा से बर्खास्त कर दिया और मामला CBI को सौंपा। शनिवार को CBI ने मुकेश के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज कर ली। अब CBI उस साल्वर की तलाश में जुटी है, जिसने मुकेश की जगह परीक्षा और मेडिकल पास किया।
बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया (Jabalpur News)
2024 बैच में 92 टेक्नीशियन चुने गए थे, मुकेश भी इसी में शामिल था। ट्रेनिंग के दौरान पकड़े जाने से पहले वह नौकरी करने की तैयारी में था। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, वरना वह नौकरी करता रहता।
CBI अब मुकेश से गहन पूछताछ कर रही है। साल्वर की पहचान और इस गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। रेलवे भर्ती में साल्वर गिरोह के इस मामले ने हड़कंप मचा दिया है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की आशंका है।