CM Mohan Yadav :भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश से कुपोषण खत्म करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ सख्त और एकजुट होकर काम किया जाता है, उसी तरह कुपोषण खत्म करने के लिए भी सभी को मिलकर तेजी से काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों और महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का असर जमीन स्तर पर दिखना चाहिए। काम सिर्फ कागजों में नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका फायदा लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
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इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस काम में सिर्फ एक विभाग नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, पंचायत विभाग और आयुष विभाग सभी को मिलकर काम करना होगा। जरूरत पड़ने पर अस्पतालों और मदद करने वाले संगठनों को भी इसमें जोड़ा जाएगा।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
सीएम मोहन यादव ने कहा कि जहां अच्छा काम हो रहा है, वहां लोगों को बढ़ावा दिया जाए। लेकिन जहां लापरवाही देखने को मिलती है, वहां सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना चाहिए।
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बच्चों और महिलाओं पर खास ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों और महिलाओं के पोषण में सुधार सरकार की सबसे अहम जिम्मेदारी है। इसके लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को और मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में हजारों आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर बनाया गया है, ताकि बच्चों को सही पोषण और सुविधाएं मिल सकें।
महिलाओं के लिए नई सुविधाएं
सीएम ने कहा कि कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाई जा रही है। कई जिलों में इसका काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही महिलाओं की मदद के लिए वन स्टॉप सेंटर बनाए गए हैं, जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता मिलती है।
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बच्चों के लिए शिक्षा और पोषण
बैठक में बताया गया कि छोटे बच्चों के लिए विद्यारंभ कार्यक्रम चलाया गया है, जिसके तहत लाखों बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया गया और उन्हें प्रमाण पत्र भी दिए गए।
सीएम ने बताया कि लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जरिए लाखों महिलाओं और बच्चों को मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद सिर्फ योजना चलाना नहीं, बल्कि हर जरूरतमंद तक उसका सीधा फायदा पहुंचाना है।
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