MP News : मध्यप्रदेश में 2026 की शुरुआत बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगी हो सकती है। मध्यप्रदेश पावर जनरेशन कंपनी ने विद्युत नियामक आयोग के सामने बिजली दरों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव पेश किया है। आयोग अब इस प्रस्ताव पर जन सुनवाई करेगा और आम लोगों व हितधारकों की आपत्तियां-सुझाव सुनेगा, उसके बाद ही अंतिम फैसला लेगा।
प्रस्तावित वृद्धि की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत (MP News)
प्रस्ताव में कंपनी ने बढ़ते लाइन लॉस और वित्तीय दबाव को दरें बढ़ाने का आधार बताया है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित वृद्धि की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत तक हो सकती है। अभी आयोग ने सुनवाई की तारीख तय नहीं की है, लेकिन 15 दिसंबर से प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
बड़ी राहत की गुंजाइश कम दिख रही (MP News)
इस साल अप्रैल में ही दरों में औसतन 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले दो चुनावी वर्षों (2023 विधानसभा और 2024 लोकसभा) में आयोग ने दरें बहुत कम बढ़ाई थीं – 2023 में 1.65 प्रतिशत और 2024 में सिर्फ 0.7 प्रतिशत। अब सहकारिता चुनाव नजदीक होने के बावजूद बड़ी राहत की गुंजाइश कम दिख रही है। जानकारों का अनुमान है कि अंतिम बढ़ोतरी 4 से 6 प्रतिशत के बीच रह सकती है, लेकिन फिर भी नए साल में बिजली बिल जरूर बढ़ेंगे।
उपभोक्ता संगठनों ने पहले ही विरोध जताना शुरू कर दिया है और कहा है कि सुनवाई में वे जोरदार तरीके से अपनी बात रखेंगे। आयोग का अंतिम आदेश आने तक तस्वीर साफ नहीं होगी, लेकिन बिजली दरों में बढ़ोतरी का डर उपभोक्ताओं को सता रहा है।