MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने विवादों में घिरे 2012 बैच के IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर उन्हें कृषि विभाग के उप सचिव पद से हटाकर GAD पूल में भेज दिया गया है, जहां फिलहाल कोई काम नहीं सौंपा गया। साथ ही फर्जी दस्तावेजों से IAS प्रमोशन लेने के मामले में उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का फैसला लिया गया है।
ब्राह्मण बेटी वाला विवादित बयान (MP News)
अजाक्स अधिवेशन में संतोष वर्मा ने कहा था, “आरक्षण तब तक जारी रहे जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे या उससे संबंध न बना ले।” यह बयान वायरल होने के बाद ब्राह्मण संगठनों ने भारी विरोध किया। 14 दिसंबर को मुख्यमंत्री निवास घेराव का ऐलान भी हुआ है।
फर्जी प्रमोशन का पुराना केस (MP News)
2021 में संतोष वर्मा पर फर्जी कोर्ट ऑर्डर बनवाकर IAS प्रमोशन लेने का आरोप लगा था। इंदौर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया और कई महीने जेल में रहे। बाद में जमानत मिली, लेकिन केस अभी लंबित है।
महिला से रिश्तों का मामला (MP News)
2016 में एक महिला ने उन पर यौन शोषण और धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। महिला का दावा था कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान संबंध बने और सरकारी आवास में पति-पत्नी की तरह रहे, लेकिन बाद में पता चला कि संतोष पहले से शादीशुदा हैं।
सरकार का सख्त रुख (MP News)
GAD ने कारण बताओ नोटिस का जवाब असंतोषजनक पाया। अब आरोप-पत्र जारी होगा और केंद्र को बर्खास्तगी का प्रस्ताव भेजा जाएगा। फिलहाल उन्हें कोई नया विभाग नहीं दिया गया है। संतोष वर्मा लंबे समय से विवादों में रहे हैं। इस कार्रवाई को “सख्त और जरूरी” बताया जा रहा है। ब्राह्मण संगठनों ने राहत जताई है, लेकिन 14 दिसंबर का घेराव अभी रद्द नहीं हुआ। मामला गरमाया हुआ है।