इसके साथ ही उज्जैन की अन्य युवा प्रतिभाओं ने भी शानदार प्रदर्शन किया। जुनीना हुसैन ने 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले, 800 मीटर और 1500 मीटर फ्री स्टाइल जैसी कठिन स्पर्धाओं में 5 पदक जीतकर अपनी क्षमता साबित की। आध्या राय ने बैकस्ट्रोक स्पर्धा में पदक हासिल किया, जबकि समर्थ गेहलोत ने कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में योगदान दिया।
कुल मिलाकर उज्जैन के तैराकों ने प्रतियोगिता में शानदार तालमेल और मेहनत का परिचय देते हुए 19 पदकों के साथ जिले का मान बढ़ाया। शिवोहम तिवारी के राष्ट्रीय स्तर पर चयन को स्थानीय खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
परिवार के अनुसार, शिवोहम पूरे वर्ष नियमित अभ्यास और अनुशासन के साथ तैयारी करते हैं। उनके पिता ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि लगातार प्रशिक्षण और समर्पण ने ही यह सफलता दिलाई है।
शिवोहम ने अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कई रेसों के कारण थकान जरूर थी, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हुए हर स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। वर्तमान में वे 11वीं कक्षा के छात्र हैं और पढ़ाई के साथ खेल को संतुलित कर आगे राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। यह उपलब्धि उज्जैन के खेल जगत के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है और इससे युवा खिलाड़ियों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।