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बीज से बाजार तक बदली तस्वीर: मोदी सरकार के 12 वर्षों में कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों पर योगी और धामी का बड़ा बयान


नई दिल्ली ।
केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कृषि क्षेत्र में हुए बदलाव और किसान कल्याण योजनाओं की उपलब्धियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किसानों के हित में लागू की गई विभिन्न योजनाओं और नीतिगत सुधारों की सराहना करते हुए इन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाला कदम बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के अन्नदाता किसानों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के नए आयाम जुड़े हैं। उनके अनुसार केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए बीज से लेकर बाजार तक किसानों को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार की हैं। इन प्रयासों से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और कृषि क्षेत्र को नई ऊर्जा मिली है।

उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है, जबकि फसल बीमा योजना ने प्राकृतिक आपदाओं और नुकसान की स्थिति में सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया है। इसके साथ ही सौर ऊर्जा आधारित पहल और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल कृषि बाजार व्यवस्था के विस्तार को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों के माध्यम से किसानों को अपनी उपज के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध हुआ है, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि किसान समृद्धि ही राष्ट्र समृद्धि का आधार है और बीते वर्षों की नीतियां इसी सोच को आगे बढ़ाती हैं।

वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पिछले एक दशक से अधिक समय में भारतीय कृषि व्यवस्था ने व्यापक परिवर्तन देखा है। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल सुरक्षा योजनाएं और कृषि में तकनीकी नवाचारों ने किसानों की कार्यक्षमता तथा आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

धामी ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अनेक स्तरों पर काम किया गया है। उनके अनुसार कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के उद्देश्य से बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, आधुनिक खेती को प्रोत्साहन देने और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने उत्तराखंड में चल रही विभिन्न कृषि पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बागवानी, प्राकृतिक खेती, मोटे अनाजों के उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण तथा सीमांत किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

दोनों मुख्यमंत्रियों के वक्तव्यों से स्पष्ट है कि कृषि क्षेत्र को देश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार मानते हुए केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन क्षमता मजबूत करने तथा ग्रामीण विकास को गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। कृषि क्षेत्र में तकनीक, वित्तीय सहायता, बाजार विस्तार और आधारभूत संरचना के विकास को आने वाले वर्षों में भी प्राथमिकता दिए जाने की बात दोहराई गई है।

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