विशेषज्ञों के अनुसार बेसन त्वचा पर जमा अतिरिक्त तेल, धूल और गंदगी को हटाने में मदद करता है। नियमित रूप से बेसन का उपयोग करने से त्वचा साफ और ताजगी भरी महसूस हो सकती है। यही कारण है कि कई लोग फेस वॉश की जगह बेसन का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की प्रकृति को समझना जरूरी है।
त्वचा पर निखार लाने के लिए बेसन और दही का फेस पैक काफी लोकप्रिय माना जाता है। दही में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को नमी प्रदान करने में मदद करते हैं, जबकि बेसन त्वचा की सफाई का काम करता है। इसी तरह बेसन में हल्दी मिलाकर बनाया गया उबटन भी पारंपरिक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। धार्मिक और सांस्कृतिक अवसरों पर दूल्हा-दुल्हन को हल्दी-बेसन का उबटन लगाने की परंपरा भी लंबे समय से चली आ रही है।
ऑयली स्किन वाले लोगों के लिए बेसन और गुलाब जल का मिश्रण उपयोगी माना जाता है। यह त्वचा को ताजगी देने और अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वहीं, शुष्क त्वचा वाले लोग बेसन में दूध या शहद मिलाकर फेस पैक तैयार कर सकते हैं। इससे त्वचा को पोषण और नमी मिलने में सहायता मिल सकती है।
बेसन का उपयोग हल्के एक्सफोलिएटर के रूप में भी किया जाता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने में मदद कर सकता है, जिससे त्वचा अधिक साफ और चमकदार दिखाई देती है। हालांकि, बहुत अधिक रगड़ने से त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है, इसलिए इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए।
त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। यदि त्वचा पर जलन, खुजली या एलर्जी जैसी समस्या महसूस हो तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। साथ ही, गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहता है।
सही खानपान, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और नियमित स्किन केयर रूटीन के साथ बेसन जैसे पारंपरिक उपाय त्वचा की देखभाल में सहायक भूमिका निभा सकते हैं। यही वजह है कि आज भी बेसन भारतीय घरेलू सौंदर्य उपचारों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।