जानकारी के अनुसार अशोका गार्डन निवासी शोभा अहिरवार 15 जून को दोपहर करीब 12:30 बजे प्लेटिनम प्लाजा स्थित शर्मा चाइनिज फास्ट फूड रेस्टोरेंट पहुंची थीं। यहां उन्होंने चीज सेंडविच ऑर्डर किया। शोभा का आरोप है कि सेंडविच खाते समय उन्हें उसमें कोई कीड़ा दिखाई दिया। जब उन्होंने उसे ध्यान से देखा तो वह मरी हुई मक्खी निकली। इस घटना के बाद उन्होंने तत्काल रेस्टोरेंट के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी।
ग्राहक का कहना है कि खाने जैसी संवेदनशील चीज में इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद रेस्टोरेंट प्रबंधन ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत फूड एंड सेफ्टी विभाग को ई-मेल के माध्यम से भेजी और कार्रवाई की मांग की।
शोभा अहिरवार ने बताया कि उन्होंने सेंडविच के लिए 219 रुपए का भुगतान किया था। हालांकि उनका कहना है कि मुद्दा पैसों का नहीं बल्कि खाद्य गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का है। उन्होंने सेंडविच में मिली मक्खी के फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड किए, जिन्हें शिकायत के साथ विभाग को उपलब्ध कराया गया है।
दूसरी ओर, मामले पर रेस्टोरेंट की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिल पर दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर कैशियर सौरभ भीमरे ने बताया कि सोमवार को ग्राहक की शिकायत प्राप्त हुई थी। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्री तैयार करने के दौरान साफ-सफाई और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उनके अनुसार मक्खी सेंडविच तक कैसे पहुंची, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। हालांकि ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से सुना गया और उनकी बात पर ध्यान दिया गया है।
अब इस पूरे मामले में फूड सेफ्टी विभाग की भूमिका अहम हो गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। जांच के दौरान रेस्टोरेंट की स्वच्छता व्यवस्था, खाद्य सामग्री के रखरखाव, किचन की स्थिति और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की पड़ताल की जा सकती है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
यह घटना एक बार फिर खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खाने-पीने की वस्तुओं में इस प्रकार की गड़बड़ी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। ऐसे मामलों में त्वरित जांच और प्रभावी कार्रवाई से ही लोगों का भरोसा कायम रखा जा सकता है। फिलहाल सभी की नजरें फूड सेफ्टी विभाग की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगी।