अनूपपुर। मध्यप्रदेश में नशे के खिलाफ “नशा से दूरी” अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जबलपुर STF टीम ने अनूपपुर जिले के घने जंगलों में घेराबंदी कर ओडिशा से तस्करी की जा रही 599 किलो गांजे की खेप जब्त की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल ट्रक (नंबर JH 02BL 7103) को भी राजसात कर लिया गया, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपये है।
ट्रक में लोहे का गुप्त कम्पार्टमेंट :
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक के अंदर लोहे की चादरों से एक खास गुप्त केबिन बनाया था, जो बाहर से बिल्कुल अदृश्य था। STF को सटीक मुखबिर सूचना मिली कि छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा पर जेतहरी थाना क्षेत्र के जंगली रास्ते से ट्रक गुजर रहा है। टीम ने 14 घंटे की लंबी पीछा करके ट्रक को रोका। सघन तलाशी में गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे के भारी पैकेट बरामद हुए।
गिरफ्तार आरोपी :
कार्रवाई में ट्रक में सवार दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान अंकित विश्वकर्मा (निवासी जिला सीधी) और धनंजय सिंह पटेल (निवासी जिला सतना) के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि खेप ओडिशा के संबलपुर से मध्यप्रदेश के मैहर ले जाई जा रही थी। STF अब इनसे तस्करी नेटवर्क के सरगनाओं और स्थानीय डीलरों की जानकारी जुटा रही है।
ऑपरेशन की कमान :
यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और STF विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में हुई। एसपी STF जबलपुर राजेश सिंह भदौरिया के नेतृत्व में दो टीमों (डीएसपी संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर) ने चुनौतीपूर्ण जंगली इलाके में ऑपरेशन अंजाम दिया। टीम में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशी, प्रधान आरक्षक निर्मल पटेल, संपूर्णानंद, अंजनी पाठक, विनय कोरी, आरक्षक मनीष तिवारी, निलेश दुबे, राहुल रजक, रूपेश राय और नारायण प्रसाद ने अहम भूमिका निभाई।
नशा तस्करों में हड़कंप :
मध्यप्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए बड़ा झटका है। STF के अधिकारी ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।