नई दिल्ली । देश में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार बढ़ रहा है और करोड़ों लोग रोजमर्रा के लेनदेन के लिए UPI आधारित प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसी बीच PhonePe Wallet से जुड़ी एक जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई है। वायरल दावों के अनुसार, यदि कोई उपयोगकर्ता लंबे समय तक अपने PhonePe Wallet का इस्तेमाल नहीं करता है, तो उस पर निष्क्रियता शुल्क लगाया जा सकता है। इस दावे के सामने आने के बाद डिजिटल भुगतान करने वाले कई उपभोक्ताओं के बीच भ्रम और सवाल पैदा हो गए हैं।
हाल के दिनों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ स्क्रीनशॉट साझा किए गए, जिनमें कथित तौर पर यह जानकारी दिखाई गई कि यदि PhonePe Wallet लगातार 12 महीने तक निष्क्रिय रहता है तो उस पर तिमाही आधार पर शुल्क लगाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि यह शुल्क हर तीन महीने में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकता है। इस सूचना के वायरल होते ही बड़ी संख्या में यूजर्स ने इसकी वैधता और प्रभाव को लेकर चर्चा शुरू कर दी।
दरअसल, कई उपभोक्ता PhonePe का उपयोग केवल UPI ट्रांजैक्शन के लिए करते हैं और उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि ऐप के भीतर एक अलग डिजिटल वॉलेट सुविधा भी उपलब्ध है। PhonePe Wallet एक प्रीपेड डिजिटल वॉलेट है, जिसमें उपयोगकर्ता पहले से धनराशि जोड़कर विभिन्न भुगतान कर सकते हैं। यह बैंक खाते से सीधे होने वाले UPI भुगतान से अलग व्यवस्था पर काम करता है और विशेष रूप से छोटे तथा त्वरित लेनदेन को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल वॉलेट सेवाओं में निष्क्रिय खातों के रखरखाव को लेकर शुल्क की व्यवस्था नई बात नहीं है। कई वित्तीय और फिनटेक प्लेटफॉर्म लंबे समय तक उपयोग न होने वाले खातों के लिए प्रशासनिक या रखरखाव शुल्क से संबंधित शर्तें रखते हैं। हालांकि किसी भी शुल्क को लागू करने से पहले संबंधित नियम, शर्तें और उपयोगकर्ता को दी जाने वाली सूचना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने यह भी दावा किया है कि यदि वे PhonePe Wallet को बंद करना चाहते हैं तो उन्हें पहले केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। इसी वजह से कुछ उपभोक्ताओं ने इस व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी व्यक्त की है। हालांकि इस विषय पर अंतिम निर्णय और प्रक्रिया संबंधित प्लेटफॉर्म की आधिकारिक शर्तों पर निर्भर करती है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह चर्चा केवल PhonePe Wallet से जुड़ी हुई है। सामान्य UPI भुगतान, जिसमें बैंक खाते से सीधे पैसे भेजे या प्राप्त किए जाते हैं, उस पर इस प्रकार के शुल्क का कोई प्रभाव नहीं बताया गया है। यानी जो उपयोगकर्ता केवल UPI के माध्यम से लेनदेन करते हैं और डिजिटल वॉलेट का उपयोग नहीं करते, उनके लिए नियमित भुगतान सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते दौर में उपभोक्ताओं के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे किसी भी वित्तीय प्लेटफॉर्म की शर्तों, शुल्क संरचना और सेवा नियमों को समय-समय पर समझते रहें। इससे अनावश्यक शुल्क, भ्रम और संभावित असुविधा से बचा जा सकता है। फिलहाल PhonePe Wallet से जुड़ी इस चर्चा ने डिजिटल भुगतान क्षेत्र में निष्क्रिय खातों और उनसे जुड़े नियमों पर नई बहस को जन्म दे दिया है।