अनुष्का रंजन ने बताया कि उन्होंने और उनके पति आदित्य सील ने परिवार बढ़ाने की योजना पर गंभीरता से विचार करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ली। सामान्य रूप से गर्भधारण नहीं होने पर दोनों ने आईवीएफ प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, यह उपचार केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद थकाने वाला साबित हुआ। कई बार उन्हें लगा कि इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उनके लिए बेहद कठिन हो जाएगा।
अभिनेत्री ने बताया कि उपचार के दौरान उन्हें 150 से अधिक इंजेक्शन लेने पड़े। कई बार इंजेक्शन का दर्द इतना अधिक होता था कि आंखों में आंसू आ जाते थे। शुरुआती चरण में उनके पति आदित्य सील स्वयं उन्हें इंजेक्शन लगाने में मदद करते थे और हर कठिन पल में उनका हौसला बढ़ाते थे। अनुष्का के मुताबिक, लगातार दवाइयों, जांचों और उपचार के बीच कई ऐसे क्षण आए जब उन्होंने मानसिक रूप से खुद को बेहद कमजोर महसूस किया, लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।
उन्होंने कहा कि आईवीएफ केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक परीक्षा भी है। इस दौरान महिलाएं शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ मानसिक दबाव, चिंता और अनिश्चितता से भी गुजरती हैं। इसलिए इस विषय को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समाज में आईवीएफ को लेकर सही जानकारी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस उपचार से गुजर रही महिलाओं को बेहतर समझ और भावनात्मक सहयोग मिल सके।
अनुष्का ने बताया कि इस विषय पर उनकी बहन आकांक्षा ने भी उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें समझाईं। उनके अनुसार, समाज में अक्सर यह धारणा बना दी जाती है कि विवाह के बाद गर्भधारण आसानी से हो जाता है, जबकि वास्तविकता कई बार इससे अलग होती है। विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान उन्हें यह समझ आया कि प्रत्येक ओव्यूलेशन चक्र में गर्भधारण की संभावना सीमित होती है। इस जानकारी ने उन्हें प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद की।
अभिनेत्री का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें महिलाओं की मानसिक और शारीरिक क्षमता का नया एहसास कराया। उनका मानना है कि मातृत्व का सफर हर महिला के लिए अलग होता है और किसी की परिस्थितियों का आकलन बिना पूरी जानकारी के नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उन महिलाओं से भी सकारात्मक बने रहने की अपील की जो किसी कारणवश गर्भधारण में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।
अनुष्का रंजन ने इस अवसर पर पुरुषों से भी संवेदनशीलता और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी या जीवनसाथी आईवीएफ जैसी प्रक्रिया से गुजर रही हैं, तो उन्हें धैर्य, समझ और भावनात्मक समर्थन देना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, परिवार का साथ इस कठिन सफर को काफी हद तक आसान बना सकता है। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव को सार्वजनिक करने का उद्देश्य आईवीएफ से जुड़ी झिझक को कम करना और इस विषय पर खुलकर संवाद को बढ़ावा देना है।