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26 से 30 जून तक EPFO पोर्टल रहेगा ठप, पीएफ क्लेम और UMANG समेत कई ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी अस्थायी रूप से बंद

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के करोड़ों सदस्यों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। संगठन अपने डिजिटल सिस्टम को अधिक सक्षम और सुरक्षित बनाने के लिए डेटाबेस माइग्रेशन तथा क्लेम प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर का अपग्रेडेशन कर रहा है। इस तकनीकी प्रक्रिया के चलते 26 जून से 30 जून तक ईपीएफओ की कई प्रमुख ऑनलाइन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी। इस दौरान सदस्य और नियोक्ता दोनों ही कई जरूरी सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकेंगे।

ईपीएफओ के अनुसार, 26 जून की मध्यरात्रि से 30 जून की रात 11:59 बजे तक मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप के माध्यम से उपलब्ध अधिकांश ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इन पांच दिनों के दौरान उपयोगकर्ता अपने खाते में लॉग इन नहीं कर पाएंगे, जिससे ऑनलाइन माध्यम से होने वाले कई कार्य पूरी तरह बाधित रहेंगे। संगठन को उम्मीद है कि सभी सेवाएं 1 जुलाई से दोबारा सामान्य रूप से शुरू हो जाएंगी।

इस अवधि में कर्मचारी नया पीएफ क्लेम जमा नहीं कर सकेंगे और पहले से जमा क्लेम की स्थिति भी ऑनलाइन नहीं देख पाएंगे। इसके अलावा ई-पासबुक डाउनलोड करने या खाते का विवरण देखने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं रहेगी। जिन कर्मचारियों को अपने भविष्य निधि खाते से संबंधित किसी प्रक्रिया को पूरा करना है, उन्हें सेवाएं बहाल होने तक इंतजार करना होगा।

नियोक्ताओं पर भी इस तकनीकी अपग्रेडेशन का असर पड़ेगा। वे इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) दाखिल नहीं कर सकेंगे और नए कर्मचारियों के लिए यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) से जुड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया भी अस्थायी रूप से बंद रहेगी। इससे नई नियुक्तियों और नियमित मासिक अनुपालन से जुड़े कुछ कार्य निर्धारित अवधि तक प्रभावित रह सकते हैं।

ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि यह कदम संगठन की डिजिटल व्यवस्था को अधिक आधुनिक, तेज और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सिस्टम माइग्रेशन पूरा होने के बाद क्लेम प्रोसेसिंग और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के पहले से अधिक प्रभावी और सुचारु रूप से संचालित होने की उम्मीद है। इसलिए यह अस्थायी असुविधा भविष्य में बेहतर डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

देशभर में सात करोड़ से अधिक कर्मचारी ईपीएफओ की सेवाओं से जुड़े हुए हैं। निजी क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि योजना सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में संगठन ने सदस्यों और नियोक्ताओं से अपील की है कि जिन कार्यों के लिए ऑनलाइन सेवाओं की आवश्यकता है, वे उन्हें 1 जुलाई के बाद पूरा करने की योजना बनाएं।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी उन्नयन से भविष्य में क्लेम निपटान की गति बेहतर होगी और ऑनलाइन सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी। हालांकि जिन कर्मचारियों को तत्काल पीएफ निकासी, क्लेम स्टेटस या अन्य डिजिटल सेवाओं की आवश्यकता है, उन्हें अगले कुछ दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है। 1 जुलाई से सभी सेवाएं सामान्य रूप से बहाल होने की संभावना जताई गई है।

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