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भारत-जापान रिश्तों को मिलेगी नई रफ्तार, पीएम साने ताकाइची के पहले भारत दौरे पर होगी अहम वार्ता


नई दिल्ली । भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के उद्देश्य से जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 से 3 जुलाई, 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा साने ताकाइची का पहला आधिकारिक भारत दौरा होगा। इस दौरान वह 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगी।

नई दिल्ली में आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों को द्विपक्षीय संबंधों की व्यापक समीक्षा करने, रणनीतिक सहयोग को और मजबूत बनाने तथा क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का अवसर देगा। बैठक में आर्थिक सहयोग, निवेश, रक्षा, तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगस्त 2025 में जापान गए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। उस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई मजबूती देने की प्रतिबद्धता जताई थी।

जापान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए पांच सूत्रीय रोडमैप भी प्रस्तुत किया था। उन्होंने निवेश, विनिर्माण, नवाचार और तकनीकी सहयोग को दोनों देशों के भविष्य के विकास का आधार बताया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने उस दौरान जापान की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नुकागा फुकुशिरो और जापानी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने जापान के विभिन्न प्रांतों के राज्यपालों के साथ बैठक कर क्षेत्रीय सहयोग और निवेश के अवसरों पर चर्चा की थी।

जापान दौरे की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग रही थी। प्रधानमंत्री मोदी और शिगेरु इशिबा ने जापान के मियागी प्रांत स्थित Tokyo Electron Miyagi Limited का दौरा किया था, जहां उन्हें उन्नत सेमीकंडक्टर निर्माण तकनीकों और वैश्विक सप्लाई चेन में कंपनी की भूमिका की जानकारी दी गई थी।

इस यात्रा के बाद भारत और जापान ने सेमीकंडक्टर निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी। दोनों देशों ने सुरक्षित, भरोसेमंद और लचीली वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने तथा औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प भी दोहराया था।

साने ताकाइची की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत और जापान रक्षा, प्रौद्योगिकी, डिजिटल इकोनॉमी, हरित ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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