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शानदार शुरुआत के बाद शेयर बाजार में बिकवाली, IT और ऑटो शेयरों की कमजोरी से सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

नई दिल्ली । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन कारोबार के अंतिम चरण में तेज बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों की मुनाफावसूली, आईटी और ऑटो शेयरों में कमजोरी तथा बाजार में बढ़ी अस्थिरता ने दिनभर की बढ़त को पूरी तरह खत्म कर दिया।

कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,728.37 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत टूटकर 23,946.25 अंक पर आ गया। दिनभर के कारोबार में गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों से अधिक रही, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली थी। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और विदेशी निवेशकों की संभावित खरीदारी से बाजार पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका था। ऐसे में निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली करना उचित समझा, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

दिन की गिरावट में आईटी और ऑटो सेक्टर का सबसे बड़ा योगदान रहा। प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जबकि ऑटो सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। दूसरी ओर फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहा, लेकिन यह तेजी पूरे बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,100 से 24,250 अंक का दायरा फिलहाल मजबूत प्रतिरोध स्तर बना हुआ है। बाजार इस स्तर को पार करने में सफल नहीं हो सका, जिसके बाद बिकवाली तेज हो गई। अब 24,000 और 23,800 अंक के स्तर को निकट भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।

इस दौरान बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX भी करीब 6 प्रतिशत बढ़कर 13.88 के आसपास पहुंच गया। आमतौर पर VIX में बढ़ोतरी आने वाले समय में बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना का संकेत देती है। यही वजह रही कि कई निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए अपने निवेश में मुनाफावसूली की।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक निफ्टी 24,100 के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी।

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