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मीठा खाने का भी होता है सही समय वरना बढ़ सकता है ब्लड शुगर और वजन का खतरा जानिए क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स


नई दिल्ली । त्योहार हो जन्मदिन हो शादी का जश्न हो या फिर कोई छोटी सी खुशी भारत में हर खास मौके की शुरुआत मीठे से होती है। मिठाई हमारे खानपान और संस्कृति का अहम हिस्सा है लेकिन क्या आप जानते हैं कि मीठा सिर्फ कितनी मात्रा में खाया जाए यह ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उसे किस समय खाया जाए यह भी आपकी सेहत पर बड़ा असर डालता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गलत समय पर मीठा खाने की आदत धीरे धीरे ब्लड शुगर बढ़ने वजन बढ़ने और भविष्य में डायबिटीज जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।

अक्सर लोग सुबह उठते ही चाय के साथ बिस्कुट मिठाई चॉकलेट या अन्य मीठी चीजें खा लेते हैं। कुछ लोग खाली पेट ही मीठे से दिन की शुरुआत करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह आदत शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। खाली पेट मीठा खाने पर उसमें मौजूद शुगर तेजी से खून में पहुंचती है जिससे ब्लड ग्लूकोज का स्तर अचानक बढ़ जाता है। इसके कुछ समय बाद शुगर तेजी से नीचे भी आ जाती है जिससे कमजोरी थकान और बार बार भूख लगने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। यही वजह है कि दिनभर मीठा खाने की इच्छा भी बढ़ जाती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि मीठा खाना ही है तो उसे मुख्य भोजन के बाद सीमित मात्रा में खाना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। जब हम पहले दाल रोटी सब्जी चावल सलाद या अन्य पौष्टिक भोजन खाते हैं तब शरीर को फाइबर प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्व मिल जाते हैं। ये तत्व मीठे में मौजूद चीनी को धीरे धीरे अवशोषित होने में मदद करते हैं जिससे ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता और शरीर पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता। यही कारण है कि डॉक्टर भोजन के तुरंत बाद थोड़ी मात्रा में मिठाई खाने की सलाह देते हैं।

दिन और रात के समय का अंतर भी इस मामले में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। रात में शरीर आराम की अवस्था में पहुंचने लगता है और ऊर्जा की जरूरत भी कम हो जाती है। ऐसे समय अधिक मात्रा में मीठा खाने से अतिरिक्त कैलोरी शरीर में जमा होने लगती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। लगातार रात में मीठा खाने की आदत भविष्य में मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज जैसी समस्याओं की आशंका को भी बढ़ा सकती है।

यदि मीठा खाना हो तो दोपहर के भोजन के बाद सीमित मात्रा में खाना अपेक्षाकृत बेहतर माना जाता है क्योंकि दिन के समय शरीर अधिक सक्रिय रहता है और अतिरिक्त ऊर्जा का उपयोग आसानी से कर लेता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि दिनभर मनचाहा मीठा खाया जाए। मात्रा पर नियंत्रण रखना हर स्थिति में जरूरी है।

डॉक्टर यह भी कहते हैं कि केवल केक पेस्ट्री चॉकलेट या मीठे पेय पदार्थों के सहारे भूख मिटाना सही आदत नहीं है। इससे शरीर को आवश्यक विटामिन मिनरल्स और प्रोटीन नहीं मिल पाते। संतुलित भोजन के साथ ही मीठे का सेवन करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

जिन लोगों को डायबिटीज प्री डायबिटीज मोटापा या ब्लड शुगर से जुड़ी कोई समस्या है उन्हें मीठा खाने से पहले अपने डॉक्टर या डाइट विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सही समय सही मात्रा और संतुलित खानपान अपनाकर मीठे का आनंद भी लिया जा सकता है और स्वास्थ्य भी बेहतर बनाए रखा जा सकता है।

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