मैच में इंग्लैंड के सामने 373 रन का कठिन लक्ष्य था। पांचवें दिन टीम ने 103 रन पर चार विकेट से आगे खेलना शुरू किया लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। इंग्लिश बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके और पूरी टीम 212 रन पर सिमट गई। लंच के कुछ देर बाद ही मुकाबला समाप्त हो गया और न्यूजीलैंड ने 160 रन की बड़ी जीत दर्ज कर ली।
यह मुकाबला बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच था। चौथे दिन उन्होंने संन्यास की घोषणा की थी और इंग्लैंड के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टीम अपने कप्तान को जीत के साथ विदाई देगी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। दूसरी पारी में स्टोक्स ने ओपनिंग करते हुए 30 रन बनाए लेकिन वह टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।
35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने लगभग 15 वर्षों तक इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और पिछले चार वर्षों से टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और कठिन मौकों पर टीम को जीत दिलाई लेकिन उनका आखिरी मुकाबला हार के साथ समाप्त हुआ।
यह हार इंग्लैंड के लिए कई मायनों में चिंता बढ़ाने वाली है। साल 2012 के बाद पहली बार टीम अपने घरेलू मैदान पर तीन या उससे अधिक मैचों की टेस्ट सीरीज हार गई। इतना ही नहीं इंग्लैंड ने अपने पिछले नौ टेस्ट मैचों में सातवीं हार झेली है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दूसरी ओर टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। बल्लेबाजों ने पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया जबकि गेंदबाजों ने दूसरी पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज अपने नाम करते हुए बेन स्टोक्स की विदाई को फीका कर दिया।