Mahakaushal Times

एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन के बीच बाजार सतर्क, नए चेयरमैन की तैनाती के बाद शेयर फिसले, सीईओ चयन प्रक्रिया का इंतजार

नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन के बीच मंगलवार को शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क दिखाई दिया। बैंक द्वारा पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन वर्ष के लिए नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किए जाने के बाद शुरुआती कारोबार में बैंक के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की निगाह अब बैंक की शीर्ष प्रबंधन टीम से जुड़े अगले महत्वपूर्ण फैसलों, विशेष रूप से मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

मंगलवार के शुरुआती कारोबार में एचडीएफसी बैंक का शेयर गिरावट के साथ खुला और कारोबार के दौरान यह 794 रुपये के इंट्रा-डे स्तर तक पहुंच गया। बाद में इसमें कुछ सुधार जरूर देखने को मिला, लेकिन शेयर पूरे कारोबार के दौरान दबाव में बना रहा। निवेशकों ने नए नेतृत्व की घोषणा का स्वागत करने के साथ-साथ बैंक की भविष्य की प्रबंधन रणनीति को लेकर सतर्क रुख अपनाया।

बैंक ने हाल ही में शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन वर्षों के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ बैंक को स्थायी नेतृत्व मिल गया है, जिससे बोर्ड स्तर पर लंबे समय से बनी अस्थायी व्यवस्था समाप्त हो गई है। राजीव कुमार ऐसे समय में यह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं जब बैंक कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और रणनीतिक निर्णयों की प्रक्रिया से गुजर रहा है।

राजीव कुमार ने पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती का स्थान लिया है। चक्रवर्ती ने इस वर्ष अपने पद से इस्तीफा देते समय बैंक की कुछ कार्यप्रणालियों को अपने व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं बताया था। उनके इस्तीफे के बाद बैंक ने संचालन में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से केकी मिस्त्री को अंतरिम पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया था। अब स्थायी नियुक्ति होने से बैंक के निदेशक मंडल को स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस बीच बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की हालिया बैठक में इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया। माना जा रहा है कि बैंक पहले नए चेयरमैन को पूरी तरह कार्यभार संभालने का अवसर देगा, जिसके बाद सीईओ की पुनर्नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यही कारण है कि बाजार फिलहाल नेतृत्व से जुड़े अगले फैसलों पर विशेष नजर बनाए हुए है।

शेयर बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह के दौरान एचडीएफसी बैंक के शेयर ने 1,020.35 रुपये का उच्चतम और 726.75 रुपये का न्यूनतम स्तर दर्ज किया है। पिछले एक वर्ष में बैंक के शेयर में 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि बीते छह महीनों में भी इसमें लगभग 20 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि बैंक का शेयर हाल के महीनों में लगातार दबाव का सामना कर रहा है।

पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे से जुड़ी कानूनी समीक्षा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि समीक्षा के दौरान मुख्य रूप से नियामकीय अनुपालन पर ध्यान दिया गया, जबकि बैंक की कारोबारी कार्यप्रणालियों को लेकर उनकी व्यापक चिंताओं पर अपेक्षित गंभीरता से विचार नहीं किया गया। ऐसे में निवेशकों की नजर अब इस बात पर भी रहेगी कि नया नेतृत्व बैंक की गवर्नेंस व्यवस्था, प्रबंधन निर्णयों और भविष्य की रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर