तेंदुखेड़ा थाना पुलिस के मुताबिक आरोपी राजा लोधी लंबे समय से पीड़ित किशोरी को धमकाता था और उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। नाबालिग होने के कारण पीड़िता भय के माहौल में रही और किसी को कुछ नहीं बता सकी। परिवार को तब संदेह हुआ जब बच्ची गर्भवती पाई गई और बाद में उसने एक नवजात को जन्म दिया।
परिजनों द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोरी ने रोते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की और आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया।
पुलिस ने आरोपी राजा लोधी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से नवजात बच्चे और आरोपी का DNA परीक्षण कराया जाएगा। इसके लिए दोनों के नमूने एकत्र कर संबंधित प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार DNA रिपोर्ट आने के बाद मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकेंगे, जो न्यायिक प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना कितने समय से चल रही थी और क्या आरोपी ने किसी प्रकार का दबाव या धमकी देकर पीड़िता को चुप रहने के लिए मजबूर किया था।
प्रशासन ने पीड़ित किशोरी और उसके परिवार को आवश्यक कानूनी तथा मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों को भी मामले की जानकारी दे दी गई है ताकि पीड़िता को उचित परामर्श और सहायता मिल सके।
तेंदुखेड़ा पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।