इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की जानकारी खुद फराह खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा की। उन्होंने इस सम्मान के लिए एकेडमी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित समूह का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व और खुशी दोनों का विषय है। उनके इस संदेश के सामने आते ही फिल्म जगत के कलाकारों और प्रशंसकों ने उन्हें लगातार शुभकामनाएं देना शुरू कर दिया।
हर वर्ष एकेडमी दुनिया भर के उन कलाकारों तकनीशियनों और फिल्म विशेषज्ञों को सदस्य बनने का निमंत्रण देती है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस वर्ष कुल 529 नए सदस्यों को आमंत्रित किया गया है जिनमें फराह खान का नाम भी शामिल है। सदस्यता स्वीकार करने के बाद उन्हें ऑस्कर पुरस्कारों की नामांकन और विजेताओं के चयन की प्रक्रिया में मतदान का अधिकार मिलेगा। यह जिम्मेदारी केवल उन लोगों को मिलती है जिनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और विश्वसनीयता हासिल होती है।
फराह खान पिछले कई दशकों से भारतीय फिल्म उद्योग का अहम चेहरा रही हैं। उन्होंने बतौर कोरियोग्राफर कई यादगार गीतों को अपनी रचनात्मकता से नई पहचान दी है। इसके अलावा उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी सफलता हासिल की और कई लोकप्रिय फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी फिल्मों की भव्यता मनोरंजन और बड़े स्तर की प्रस्तुति ने उन्हें देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अलग पहचान दिलाई है। यही वजह है कि अब उन्हें विश्व सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित संस्था का सदस्य बनने का अवसर मिला है।
इस बार एकेडमी की आमंत्रित सूची में कई अन्य भारतीय प्रतिभाओं को भी जगह मिली है। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज के साथ वरिष्ठ संपादक ए श्रीकर प्रसाद और दीपा भाटिया को भी सदस्यता का निमंत्रण भेजा गया है। दीपा भाटिया चार दशकों से अधिक लंबे करियर में अनेक चर्चित फिल्मों से जुड़ी रही हैं और उनकी संपादन कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है। इसके अलावा कॉस्ट्यूम डिजाइनर एका लखानी कास्टिंग डायरेक्टर दिलीप शंकर डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर शालिनी कांतैया एनीमेशन क्षेत्र से अवनीत कौर प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ राजेश रामचंद्रन तथा विजुअल इफेक्ट्स से जुड़े बेकी ग्राहम और जय मेहता को भी इस सूची में स्थान मिला है।
इन सभी आमंत्रित सदस्यों के शामिल होने के बाद एकेडमी के कुल सदस्यों की संख्या लगभग 11000 से अधिक हो जाएगी। ये सदस्य आने वाले वर्षों में ऑस्कर पुरस्कारों के लिए फिल्मों कलाकारों और तकनीकी विशेषज्ञों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। फराह खान को मिला यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का भी मजबूत प्रमाण है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के फिल्मकारों और कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और दुनिया के सबसे बड़े फिल्म मंच पर भारत की मजबूत मौजूदगी को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।