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MP: इंदौर में नहाते वक्त महीनेभर में दो युवकों की संदिग्ध मौत…. PM रिपोर्ट से हुआ चौकाने वाला खुलासा


इंदौर।
अगर आप भी किसी ऐसे व्यक्ति, परिवार या संस्था को जानते हैं, जिनके यहां पर नहाते समय गर्म पानी करने के लिए गैस गीजर का उपयोग किया जाता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर शहर (Indore City) में एक माह के भीतर दो ऐसे दर्दनाक मामले सामने आए हैं, जिनमें बाथरूम (Bathroom) बंद करके नहा रहे दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों और परिजनों को मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक- Heart attack) लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाने वाला सच उजागर कर दिया।


हार्ट अटैक से नहीं इस वजह से हुई थी मौत

पीएम रिपोर्ट में सामने आया कि दोनों युवकों की मौत गैस गीजर से निकली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के कारण हुई थी। दोनों मृतकों की उम्र करीब 20 साल थी और उन्हें किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी भी नहीं थी। जानकारी के अनुसार, एक युवक अपने दोस्त के घर पर रह रहा था, जबकि दूसरा अपने परिवार के साथ रहता था। घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिंह और सहायक प्राध्यापक डॉ. अंकित पी.जैन ने बताया कि मौत का स्पष्ट कारण गैस गीजर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस थी।


कार्बन मोनोऑक्साइड की वजह से सांस नहीं फूलती

विशेषज्ञों के मुताबिक, जब बंद जगह में गैस गीजर चलाया जाता है और वहां ताजी हवा नहीं आने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैस बनने लगती है, जो बेहद खतरनाक होती है। डॉक्टरों ने बताया कि यह गैस न तो दिखाई देती है और न ही इसकी कोई गंध होती है। यहां तक कि इसे ले रहे व्यक्ति को सांस फूलने या घबराहट का अहसास भी नहीं होता। ऐसे में कुछ ही मिनटों में वह बेहोश हो जाता है और समय पर मदद न मिलने पर उसकी मौत हो सकती है। पोस्टमार्टम के दौरान कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से हुई मौत में शव पर पिंक हाइपोस्टेसिस और शरीर के अंगों का गुलाबी रंग दिखाई देता है।


वेंटिलेशन की कमी बनी मौत की वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि बंद बाथरूम में गैस गीजर का उपयोग और वेंटिलेशन (हवा आने-जाने) की कमी ऐसे हादसों का मुख्य कारण है। इससे पहले भी इंदौर में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। करीब छह माह पहले 24 वर्षीय युवती की मौत भी गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई थी। जागरूकता की कमी लोगों की जान पर भारी पड़ रही है।


इन सावधानियों का जरूर करें पालन

– गैस गीजर को बाथरूम या बंद कमरे में न लगवाएं। इसे बालकनी, छत या खुले स्थान पर लगाएं।
– यदि बाथरूम में गैस गीजर लगा हो तो नहाते समय दरवाजा या खिड़की खुली रखें।
– केवल उच्च गुणवत्ता और भारतीय मानक प्रमाणित गैस गीजर का ही उपयोग करें।
– गीजर लगवाते समय यह सुनिश्चित करें कि तकनीशियन द्वारा उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था की गई हो।

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