पुलिस के अनुसार लसूड़िया मोरी निवासी 34 वर्षीय गोलू पंवार बुधवार रात करीब नौ बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। रास्ते में वह नाले के किनारे से गुजर रहा था तभी तेज बारिश के कारण बढ़े पानी के बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात में उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।
गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोलू का शव पुल के नीचे कचरे में फंसा मिला। टीम ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोलू ईंट निर्माण फैक्ट्री में काम करता था। उसके परिवार में माता पिता और छोटा भाई हैं। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
दूसरी ओर अहीरखेड़ी क्षेत्र में बुधवार को तेज बहाव में बहा युवक महेश चौहान अब भी लापता है। जानकारी के अनुसार महेश अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था। इसी दौरान दोनों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मनीष किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन महेश बह गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।
पुलिस और राहत दल ने बुधवार रात से ही आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह भी एसडीईआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन समाचार लिखे जाने तक महेश का कोई सुराग नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने के साथ खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई नाले और पुलिया उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।