Madhya Pradesh News: भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय हुई उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को अभियान के रूप में चलाकर तय समय-सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में शिक्षा, धार्मिक पर्यटन, बुनियादी ढांचे, प्रशासनिक सुधार और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
‘समरसता छात्रावास’ की होगी शुरुआत
प्रदेश में अलग-अलग विभागों द्वारा चलाए जा रहे छात्रावासों को अब एक छत के निचे के निचे लाया जायेगा , जिसको समरसता छात्रावास के नाम से संचालित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच सामाजिक समरसता और एकता की भावना को बढ़ावा देना है।
वहीं, 15 जुलाई तक चल रहे स्कूल चलो अभियान के तहत सांदीपनि विद्यालय भवनों के लोकार्पण और स्कूलों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार इस मॉडल की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी करेगी।
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धार्मिक स्थलों के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अमरकंटक, ओंकारेश्वर, महेश्वर, दतिया, ओरछा और मैहर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर धर्मशाला, अन्न क्षेत्र और अस्पतालों के निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को रजिस्ट्री शुल्क में छूट और अनुदान जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
साथ ही सती अनुसुईया मंदिर परिसर, मल्टी फैसिलिटी सेंटर और गुप्त गोदावरी परिसर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। मंदाकिनी नदी जोड़ो परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बैठक भी होगी।
उज्जैन में नए एयरपोर्ट का निर्माण जल्द
बैठक में उज्जैन के नए हवाई अड्डे की प्रगति की भी समीक्षा की गई। दताना-मताना हवाई पट्टी के स्थान पर बनने वाले नए एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और जल्द ही भूमि-पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
53 हजार गांवों में चलेगा भूमि स्वामित्व अभियान
राज्य सरकार प्रदेश के 53 हजार गांवों में ग्रामीणों को उनकी आबादी की भूमि का मालिकाना हक दिलाने के लिए व्यापक अभियान चलाएगी। इसके तहत पात्र लोगों को नि:शुल्क रजिस्ट्री का लाभ दिया जाएगा।
भोपाल में बनेगा भव्य स्मारक
भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड (UCIL) की कचरा-मुक्त भूमि पर भुज के म्यूजियम की तर्ज पर एक भव्य स्मारक विकसित किया जाएगा। इसके अलावा भेल की अनुपयोगी भूमि को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशासनिक व्यवस्था होगी और सख्त
मुख्यमंत्री ने सभी शासकीय कर्मचारियों की कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्रालय, विंध्याचल भवन और सतपुड़ा भवन में बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश के प्रमुख मंदिरों में महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर होमगार्ड्स की तैनाती की जाएगी। वहीं मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले पर भी अमल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर विकास परियोजनाओं को तय समय में पूरा करें, ताकि प्रदेश के विकास को नई गति मिल सके।