मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों ने बेहद सतर्क अंदाज में की। पहले हाफ में दोनों पक्षों के डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन किया और किसी भी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया। हालांकि ब्राजील ने कई बार नॉर्वे के गोल पर हमला बोला, लेकिन हर बार गोलकीपर ओर्जन नायलैंड मजबूत दीवार बनकर सामने खड़े रहे।
पहले हाफ के दौरान ब्राजील को वीएआर की मदद से पेनल्टी भी मिली। मैथियस कुन्हा पर हुए फाउल के बाद रेफरी ने पेनल्टी दी, लेकिन ब्रूनो गुइमारेस इस सुनहरे मौके को गोल में नहीं बदल सके। नायलैंड ने शानदार बचाव करते हुए पेनल्टी रोक ली। इसके अलावा उन्होंने गेब्रियल मार्टिनेली, विनीसियस जूनियर और अन्य ब्राजीली खिलाड़ियों के कई खतरनाक प्रयास भी विफल किए।
दूसरे हाफ में ब्राजील ने आक्रामकता बढ़ाने के लिए बदलाव किए और युवा खिलाड़ी एंड्रिक को मैदान पर उतारा। 52वें मिनट में एंड्रिक के पास गोल करने का शानदार मौका भी आया, लेकिन वह उसे भुना नहीं सके। इसी चूक का फायदा नॉर्वे ने उठाया और धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
79वें मिनट में एर्लिंग हालैंड ने शानदार फिनिश के साथ नॉर्वे को 1-0 की बढ़त दिलाई। ब्राजील अभी इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि 90वें मिनट में हालैंड ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। इस गोल ने ब्राजील की वापसी की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया।
इंजरी टाइम में ब्राजील को पेनल्टी मिली, जिस पर अनुभवी स्टार नेमार ने गोल कर स्कोर 2-1 जरूर किया, लेकिन तब तक मुकाबला नॉर्वे की मुट्ठी में जा चुका था। अंतिम सीटी बजते ही नॉर्वे के खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया, जबकि ब्राजील के खिलाड़ी मायूस नजर आए।
इस जीत के साथ नॉर्वे ने अपने फुटबॉल इतिहास में पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। अब उसका मुकाबला 11 जुलाई को इंग्लैंड और मेक्सिको के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा।
ब्राजील के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई। टीम ने पूरे मैच में कई बेहतरीन मौके बनाए, लेकिन खराब फिनिशिंग और नॉर्वे के गोलकीपर के शानदार प्रदर्शन ने उसके विश्व कप अभियान का अंत कर दिया। दूसरी ओर एर्लिंग हालैंड ने एक बार फिर साबित किया कि बड़े मुकाबलों में वह अपनी टीम के सबसे बड़े मैच विनर हैं।