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भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला डायवर्सन जलमग्न, प्रशासन ने आवाजाही पर लगाया प्रतिबंध


भोपाल  लगातार हो रही बारिश के चलते भोपाल और राजगढ़ जिले को जोड़ने वाले पार्वती नदी के अस्थायी वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर नदी के बीच बनाए गए इस डायवर्सन पर पानी भर जाने और तेज बहाव के कारण प्रशासन ने सोमवार देर रात यह फैसला लिया। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।

बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पार्वती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे नदी के बीच बना अस्थायी मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गया है और वहां से गुजरना बेहद जोखिमभरा हो गया है। किसी भी संभावित हादसे को रोकने के लिए इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

बैरिकेडिंग और निगरानी के निर्देश

प्रशासन ने संबंधित विभागों को मार्ग के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाने, चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा संकेतक स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति जोखिम उठाकर इस रास्ते का उपयोग न कर सके।

आदेश के पालन की जिम्मेदारी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, जनपद पंचायत, लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है। अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने तथा लोगों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों से भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी हो चुके हैं हादसे

यह वैकल्पिक मार्ग जनवरी 2025 में पार्वती नदी पर बने 49 वर्ष पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद तैयार किया गया था। बारिश शुरू होने से पहले तक इसी रास्ते से बसें, ट्रक, कारें और दोपहिया वाहन गुजर रहे थे, लेकिन जलस्तर बढ़ने के साथ यहां हादसों का खतरा भी बढ़ गया। पिछले वर्ष अक्टूबर में इसी मार्ग पर एक बस फंस गई थी, जबकि हाल ही में एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पानी में गिर गई थी। हालांकि उस हादसे में चारों लोग सुरक्षित बच गए थे।

कई जिलों की लाइफलाइन है यह मार्ग

बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर स्थित यह पुल भोपाल और राजगढ़ के अलावा गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन और इंदौर जैसे जिलों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यही मार्ग आगरा-बंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से भी जुड़ता है।

करीब 49 वर्ष पुराने इस पुल की अब तक केवल दो बार मरम्मत हुई है। रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई और जनवरी 2025 में पुल धंसने के बाद इसे पूरी तरह बंद करना पड़ा था। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बंद मार्ग से गुजरने का प्रयास न करें और केवल सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों का ही उपयोग करें।

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