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महंगी क्रीम नहीं सही कारण पहचानिए तभी दूर होगा अंडरआर्म्स का जिद्दी कालापन


नई दिल्ली । अंडरआर्म्स का काला पड़ना आज के समय में महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए एक आम समस्या बन गया है। कई लोग इसे केवल साफ सफाई की कमी मान लेते हैं जबकि वास्तविकता इससे कहीं अलग है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार अंडरआर्म्स की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पतली और संवेदनशील होती है। यही कारण है कि इस हिस्से पर होने वाली हल्की जलन लगातार घर्षण या गलत स्किन केयर का असर जल्दी दिखाई देता है। यदि समय रहते सही कारण की पहचान कर ली जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अंडरआर्म्स के काले होने की सबसे आम वजह बार बार शेविंग करना मानी जाती है। रेजर से बाल हटाने पर बाल केवल ऊपर से कटते हैं जबकि उनकी जड़ त्वचा के भीतर बनी रहती है। इससे त्वचा गहरी दिखाई देने लगती है। लगातार शेविंग करने से त्वचा में सूक्ष्म जलन और रगड़ भी होती है जो समय के साथ पिग्मेंटेशन बढ़ा सकती है। ऐसे में यदि संभव हो तो त्वचा के अनुसार सुरक्षित हेयर रिमूवल तरीका अपनाना बेहतर माना जाता है।

बहुत अधिक टाइट कपड़े पहनना भी अंडरआर्म्स के कालेपन की बड़ी वजह बन सकता है। लगातार घर्षण के कारण शरीर उस हिस्से में अधिक मेलानिन बनाना शुरू कर देता है जिससे त्वचा का रंग धीरे धीरे गहरा होने लगता है। अधिक वजन वाले लोगों में यह समस्या और अधिक देखने को मिलती है। इसलिए हल्के और सूती कपड़े पहनना त्वचा के लिए बेहतर माना जाता है।

आजकल अधिकांश लोग रोजाना डिओडरेंट या एंटीपर्सपिरेंट का उपयोग करते हैं। कई उत्पादों में मौजूद अल्कोहल खुशबू वाले रसायन और अन्य केमिकल संवेदनशील त्वचा में एलर्जी या जलन पैदा कर सकते हैं। यदि लंबे समय तक ऐसा होता रहे तो त्वचा पर दाग और कालापन बढ़ सकता है। इसलिए हमेशा अपनी त्वचा के अनुसार उत्पाद चुनें और किसी भी तरह की जलन महसूस होने पर उसका उपयोग बंद कर दें।

डेड स्किन यानी मृत त्वचा कोशिकाओं का जमा होना भी अंडरआर्म्स को काला दिखा सकता है। जिस तरह चेहरे की नियमित सफाई जरूरी होती है उसी तरह इस हिस्से की भी हल्के तरीके से सफाई और एक्सफोलिएशन करना जरूरी है। हालांकि बहुत ज्यादा स्क्रब करने से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है इसलिए संतुलित देखभाल ही सबसे बेहतर उपाय है।

कुछ मामलों में अंडरआर्म्स का कालापन केवल बाहरी कारणों से नहीं बल्कि शरीर के अंदर होने वाले बदलावों से भी जुड़ा हो सकता है। हार्मोनल असंतुलन इंसुलिन रेजिस्टेंस या एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स जैसी त्वचा संबंधी स्थिति में अंडरआर्म्स और गर्दन की त्वचा मोटी और गहरे रंग की हो सकती है। यदि कालापन अचानक बढ़ जाए या इसके साथ खुजली मोटापन या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

स्वस्थ और साफ अंडरआर्म्स के लिए रोजाना सफाई करें त्वचा को बेवजह रगड़ने से बचें शेविंग के बाद मॉइस्चराइजर लगाएं और अपनी त्वचा के अनुरूप स्किन केयर उत्पादों का ही इस्तेमाल करें। सही आदतें अपनाकर और समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेकर इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

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