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शोपियां में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनी मारा गया, चार दिन बाद मिला शव


नई दिल्ली
। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर जाकिर गनी को मार गिराया गया। मुठभेड़ के कुछ दिनों बाद चलाए गए व्यापक तलाशी अभियान के दौरान उसका शव बरामद किया गया। सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, शोपियां के सैदपोरा क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। घने बागानों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आधुनिक निगरानी उपकरणों की सहायता से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई।

अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों की मौजूदगी का पता लगाया। इसके बाद पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया। इसी दौरान गोलीबारी हुई, जिसका सुरक्षा बलों ने जवाब दिया। बाद में इलाके की विस्तृत तलाशी के दौरान एक शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जाकिर गनी के रूप में की गई। घटनास्थल से हथियार और अन्य सैन्य सामग्री भी बरामद होने की पुष्टि हुई।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जाकिर गनी लंबे समय से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था और वह कई आतंकी अभियानों में शामिल माना जाता था। उसकी मौजूदगी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं। संयुक्त अभियान के जरिए उसे निष्क्रिय करना आतंकवाद विरोधी प्रयासों की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

शोपियां जिला लंबे समय से आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों के कारण संवेदनशील क्षेत्र रहा है। दक्षिण कश्मीर का यह इलाका अपने घने बागानों, जंगलों और दुर्गम भूभाग के कारण आतंकवादियों के लिए छिपने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का मार्ग माना जाता रहा है। यही वजह है कि सुरक्षा बल यहां लगातार तलाशी अभियान और निगरानी अभियान चलाते रहते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों को सीमित करने के लिए सुरक्षा बलों ने कई बड़े अभियान चलाए हैं। इन अभियानों के दौरान अनेक वांछित आतंकवादी मारे गए या गिरफ्तार किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार दबाव बनाए रखने से स्थानीय आतंकी नेटवर्क कमजोर हुआ है और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी तलाशी अभियान जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बनाए हुए हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अभियान आतंकवादी संगठनों की नेतृत्व क्षमता और परिचालन ढांचे को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार खुफिया समन्वय, आधुनिक तकनीक और संयुक्त सुरक्षा अभियानों के जरिए जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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