प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार देर रात लगभग 10 बजे की है। सिलीगुड़ी से मुंबई पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान AIX 1547 लैंडिंग के बाद निर्धारित समय पर रनवे खाली नहीं कर सकी थी। इसी दौरान मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली एयर इंडिया की उड़ान AI 816 उसी रनवे से टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में थी। कुछ ही क्षणों में दोनों विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने की स्थिति में आ गए, जिससे संभावित दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल हस्तक्षेप किया और टेकऑफ की अनुमति वापस लेते हुए एयर इंडिया के विमान को तुरंत रोकने का निर्देश दिया। पायलटों ने बिना किसी देरी के एटीसी के निर्देशों का पालन किया, जिसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से रनवे से हटाकर बे में ले जाया गया। समय रहते उठाए गए इस कदम ने संभावित बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
घटना के बाद संबंधित विमान के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत आवश्यक तकनीकी और परिचालन संबंधी जांच शुरू करने की तैयारी की गई है। विमान के सिस्टम, रनवे संचालन और पूरी घटनाक्रम की समीक्षा की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऐसी स्थिति कैसे बनी और भविष्य में इसे रोकने के लिए किन सुधारात्मक कदमों की आवश्यकता है।
एयर इंडिया ने घटना के बाद जारी बयान में कहा कि यात्रियों की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई और सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी घटना की आंतरिक समीक्षा की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जाएगा।
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डों पर रनवे संचालन अत्यंत संवेदनशील प्रक्रिया होती है, जहां प्रत्येक विमान की आवाजाही एयर ट्रैफिक कंट्रोल की निगरानी में होती है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में एटीसी के त्वरित निर्देश और पायलटों की समय पर प्रतिक्रिया बड़े हादसों को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाती है। यही कारण है कि इस घटना में भी सतर्कता के चलते किसी प्रकार की जनहानि या विमान को नुकसान नहीं हुआ।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि रनवे पर दोनों विमान एक साथ कैसे पहुंचे और क्या परिचालन प्रक्रिया में किसी स्तर पर चूक हुई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे।