नई दिल्ली ।न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, सिख परंपरा और आध्यात्मिक धरोहर का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत केवल आर्थिक विकास की दिशा में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण को भी समान महत्व दे रहा है। इसी क्रम में उन्होंने पवित्र ‘जोड़ा साहिब’ के इतिहास का उल्लेख करते हुए प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि जब भी वे भारत आएं, श्री पटना साहिब जाकर उसके दर्शन अवश्य करें।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब, चारों साहिबजादों और माता गुजरी के साहस, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने पूरी मानवता को सेवा, समानता, करुणा और साहस का संदेश दिया है। यही कारण है कि दुनिया के विभिन्न देशों में स्थित गुरुद्वारे आज भी मानव सेवा के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं, जहां जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के भोजन, सहायता और सम्मान मिलता है।
उन्होंने कहा कि संकट के समय भारत ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरे सम्मान के साथ सुरक्षित भारत लाने का कार्य किया। इसके अलावा जब श्री हरमंदिर साहिब में सेवा से जुड़े कुछ प्रशासनिक विषय सामने आए, तब सरकार ने उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाने का प्रयास किया। उन्होंने इसे सरकार की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
प्रधानमंत्री ने श्री हेमकुंड साहिब का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित इस पवित्र तीर्थ तक पहुंचना लंबे समय से श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए वहां तक रोपवे परियोजना विकसित की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन सके। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक स्थलों तक बेहतर संपर्क और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने ‘वीर बाल दिवस’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चारों साहिबजादों और माता गुजरी के अद्वितीय बलिदान की स्मृति को सम्मान देने के लिए प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ मनाया जाता है। आज यह दिवस देशभर में नई पीढ़ी को साहस, राष्ट्रसेवा और मूल्यों के प्रति समर्पण की प्रेरणा दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब देश के विभिन्न हिस्सों के बच्चे भी इस गौरवशाली इतिहास से परिचित हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘जोड़ा साहिब’ से जुड़ा एक ऐतिहासिक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के परिवार के पूर्वज श्री गुरु गोविंद सिंह जी के सेवादार थे और उनके परिवार ने लगभग 300 वर्षों तक गुरु गोविंद सिंह तथा माता साहिब कौर जी के पवित्र ‘जोड़ा साहिब’ को सुरक्षित रखा। विभाजन के समय भी इस धरोहर को सुरक्षित दिल्ली लाया गया। बाद में इसे अधिक से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए श्री गुरु गोविंद सिंह जी के जन्मस्थान श्री पटना साहिब में स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनना उनके लिए सौभाग्य की बात रही। उन्होंने प्रवासी भारतीयों से अपील की कि भारत यात्रा के दौरान वे श्री पटना साहिब अवश्य जाएं और इस पवित्र धरोहर के दर्शन कर भारतीय सांस्कृतिक विरासत से अपना जुड़ाव और मजबूत करें।