Mahakaushal Times

देशभर की ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना 15 वारंट वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश पुलिस के शिकंजे में

नई दिल्ली । रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों का सामान चुराकर वर्षों तक पुलिस को चुनौती देने वाला सांसी गैंग का कुख्यात बदमाश आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। भोपाल जीआरपी ने करीब 11 साल से फरार चल रहे सत्यभान सांसी को गिरफ्तार कर एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। आरोपी पर देश के अलग अलग हिस्सों में दर्ज कई मामलों के साथ कुल 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट लंबित थे। उसकी गिरफ्तारी को रेलवे पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बचता रहा था।

गिरफ्तार आरोपी सत्यभान सांसी हरियाणा के भिवानी जिले का रहने वाला है और सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। यह गिरोह लंबे समय से ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य बड़ी सफाई से यात्रियों के बैग और वॉलीबैग पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाकर नकदी जेवर और कीमती सामान निकाल लेते थे। कई बार यात्रियों को चोरी की जानकारी तब होती थी जब ट्रेन अपने गंतव्य तक पहुंच जाती थी।

जांच में सामने आया कि इस गिरोह ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा पंजाब और असम सहित कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। अलग अलग राज्यों की पुलिस लंबे समय से गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही थी लेकिन वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहने के कारण गिरफ्त से बाहर थे।

भोपाल जीआरपी ने पुराने लंबित वारंटों की तामील के लिए विशेष अभियान शुरू किया था। इसी अभियान के दौरान सत्यभान की तलाश तेज की गई। पुलिस टीम ने हरियाणा के भिवानी हिसार और आसपास के कई इलाकों में लगातार दबिश दी लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जांच में साइबर तकनीक का सहारा लिया गया। साइबर सेल ने आरोपी के मोबाइल डेटा और लोकेशन का विश्लेषण किया तथा उसके मूवमेंट पर लगातार नजर रखी।

कुछ समय बाद अचानक आरोपी का मोबाइल गुवाहाटी में बंद हो गया जिससे पुलिस को शक हुआ कि वह किसी अन्य मामले में पकड़ा गया होगा। जांच आगे बढ़ाई गई तो यह जानकारी मिली कि सत्यभान असम के जालुकबाड़ी क्षेत्र में एक अन्य अपराध के मामले में गिरफ्तार होकर गुवाहाटी सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद भोपाल पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को गुवाहाटी से भोपाल लाया गया।

भोपाल पहुंचने के बाद उसके खिलाफ दर्ज सभी 15 लंबित वारंटों की तामील की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ चोरी आदतन अपराध और साक्ष्य छिपाने जैसी गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। उस पर 54 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था। वर्षों से फरार रहने के कारण वह रेलवे पुलिस की वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था।

रेलवे पुलिस का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से ट्रेनों में सक्रिय चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य बदमाशों तक पहुंचने में भी मदद मिलेगी। पुलिस अब उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों ठिकानों और विभिन्न राज्यों में हुई वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी सफलता मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर