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वनडे में इंग्लैंड पर भारत का दबदबा फिर दोहराने की तैयारी हेड टू हेड रिकॉर्ड दे रहे जीत का भरोसा


नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला बर्मिंघम के ऐतिहासिक एजबेस्टन क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा जहां भारतीय टीम टी20 सीरीज में मिली निराशाजनक हार का हिसाब बराबर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। हालांकि हालिया टी20 प्रदर्शन भारत के पक्ष में नहीं रहा लेकिन वनडे क्रिकेट का इतिहास टीम इंडिया के आत्मविश्वास को मजबूत करता है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों के आंकड़े साफ बताते हैं कि इस प्रारूप में भारत का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है।

भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 110 वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें से 61 मैच भारत ने अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड केवल 44 मुकाबलों में जीत दर्ज कर सका है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया ने लगातार इंग्लैंड पर अपना दबदबा बनाए रखा है और यही इतिहास एक बार फिर भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा।

हालांकि इंग्लैंड की धरती पर भारत का रिकॉर्ड अपेक्षाकृत संतुलित रहा है। इंग्लैंड में दोनों टीमों के बीच खेले गए 44 वनडे मुकाबलों में भारत ने 18 मैच जीते हैं जबकि इंग्लैंड ने 23 मुकाबलों में बाजी मारी है। एक मैच टाई रहा और दो मुकाबले बेनतीजा रहे। घरेलू परिस्थितियों का फायदा इंग्लैंड को जरूर मिलता रहा है लेकिन मौजूदा भारतीय टीम के पास अनुभव और संतुलन दोनों मौजूद हैं।

टी20 सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी थी। शीर्ष क्रम से लेकर मध्यक्रम तक कोई भी बल्लेबाज लगातार प्रभाव नहीं छोड़ पाया। ऐसे में वनडे सीरीज में सभी की नजर रोहित शर्मा और विराट कोहली की वापसी पर होगी। इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी से भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती मिलेगी और टीम का अनुभव भी बढ़ेगा। कप्तान शुभमन गिल पर एक बार फिर पारी की मजबूत शुरुआत कराने की जिम्मेदारी होगी जबकि मध्यक्रम में श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल अहम भूमिका निभाएंगे।

ऑलराउंडर विभाग में वॉशिंगटन सुंदर अक्षर पटेल और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को संतुलन देंगे। तीनों खिलाड़ी बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर गेंदबाजी की अगुवाई तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह करेंगे जिनका अनुभव और सटीक लाइन लेंथ इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। उनके साथ प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह प्रिंस यादव और गुरनूर बरार तेज आक्रमण को मजबूती देंगे। चोट के कारण हर्षित इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं।

स्पिन विभाग में कुलदीप यादव भारतीय टीम के सबसे बड़े हथियार होंगे। उनकी विविधता इंग्लैंड के बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है। रवि बिश्नोई को भी टीम में जगह मिली है जबकि चोट के चलते वरुण चक्रवर्ती इस सीरीज में नहीं खेल पाएंगे।

टी20 की निराशा को पीछे छोड़कर टीम इंडिया अब वनडे में नई शुरुआत करना चाहेगी। शानदार हेड टू हेड रिकॉर्ड मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण के दम पर भारतीय टीम के पास इंग्लैंड को उसी की धरती पर हराकर सीरीज जीतने का सुनहरा मौका होगा।

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