मैच की शुरुआत भारत के लिए आसान नहीं रही थी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती 37 रन तक दो विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद स्मृति मंधाना ने शानदार जिम्मेदारी निभाते हुए जेमिमा रोड्रिगेज और कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। मंधाना ने आकर्षक बल्लेबाजी करते हुए 83 रन बनाए जबकि हरमनप्रीत कौर ने 58 और दीप्ति शर्मा ने 57 रन का अहम योगदान दिया। इन पारियों की बदौलत भारत पहली पारी में 285 रन तक पहुंचने में सफल रहा।
इंग्लैंड की पहली पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर टिक नहीं सकी। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान नैट साइवर ब्रंट और एमी जोन्स ने कुछ संघर्ष जरूर किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और इंग्लैंड की पूरी टीम केवल 170 रन पर सिमट गई। भारत को पहली पारी के आधार पर 115 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई जिसने मैच की दिशा बदल दी।
दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। स्मृति मंधाना ने एक बार फिर शानदार बल्लेबाजी करते हुए 70 रन बनाए जबकि शेफाली वर्मा के साथ पहले विकेट के लिए 88 रन की मजबूत साझेदारी की। इसके बाद यास्तिका भाटिया ने करियर की सबसे यादगार पारी खेलते हुए 113 रन बनाए और लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बन गईं। ऋचा घोष ने भी तेज अंदाज में नाबाद 50 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारत ने सात विकेट पर 341 रन बनाकर पारी घोषित की और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा।
इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाया। इंग्लैंड ने केवल दो रन के स्कोर पर पहला विकेट गंवा दिया और देखते ही देखते 59 रन तक पांच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। हालांकि मैडी विलियर्स और एमी जोन्स ने कुछ देर संघर्ष किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। तीसरे दिन के अंत तक सायली सातघारे क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने दो दो विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया।
यह मुकाबला इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर पहली बार महिला टेस्ट मैच खेला जा रहा है। भारतीय टीम अब इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार जीत में बदलने से सिर्फ चार विकेट दूर है। यदि चौथे दिन भारतीय गेंदबाज अपनी लय बरकरार रखते हैं तो टीम इंडिया लॉर्ड्स में सुनहरे इतिहास का नया अध्याय लिख देगी।