कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का रविवार को निधन हो गया था। उनके निधन की सूचना मिलते ही भारत सरकार ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पर तिरंगा आधा झुका रहा जबकि मुंबई के मंत्रालय और केरल के विभिन्न सरकारी भवनों पर भी राष्ट्रीय ध्वज सम्मान स्वरूप आधा झुकाया गया। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार पूरे देश में ध्वज संहिता का पालन सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।
केरल में इस शोक का विशेष महत्व देखने को मिला क्योंकि राज्य का बड़ा प्रवासी समुदाय लंबे समय से कतर और अन्य खाड़ी देशों में कार्यरत है। कतर के साथ केरल के आर्थिक सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध काफी मजबूत माने जाते हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि अपने अधिकार क्षेत्र के प्रत्येक सरकारी कार्यालय और संस्थान में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुकाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें और राष्ट्रीय शोक से जुड़े सभी प्रोटोकॉल का पालन कराया जाए।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शोक के दौरान पूरे भारत में उन सभी सरकारी और सार्वजनिक भवनों पर तिरंगा आधा झुका रहेगा जहां नियमित रूप से ध्वज फहराया जाता है। साथ ही इस दिन किसी भी प्रकार के आधिकारिक सांस्कृतिक या मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे ताकि दिवंगत नेता के प्रति सम्मान व्यक्त किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शेख हमद दूरदर्शी नेतृत्व वाले ऐसे शासक थे जिन्होंने कतर को विकास समृद्धि और वैश्विक पहचान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत का सच्चा मित्र बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में दोनों देशों के संबंधों को नई मजबूती मिली और सहयोग के अनेक नए रास्ते खुले।
जानकारी के अनुसार केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भारत सरकार की ओर से शोक संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए जल्द ही कतर जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर का नेतृत्व किया और बाद में सत्ता अपने पुत्र शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी। उनके कार्यकाल को कतर के आधुनिक विकास और वैश्विक प्रभाव के विस्तार का महत्वपूर्ण दौर माना जाता है।