सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक गतिशील बनाना और जिलों में बेहतर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना बताया जा रहा है। व्यापक तबादला सूची में बड़ी संख्या में एसडीएम स्तर के अधिकारियों को नई तैनाती दी गई है जिससे कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व पूरी तरह बदल गया है।
जारी आदेश के अनुसार प्रशांत कुमार को उन्नाव से बहराइच भेजा गया है जबकि ध्रुव शुक्ला को गाजीपुर का नया एसडीएम बनाया गया है। कुमार संजय को जालौन अभय कुमार सिंह को राजस्व परिषद में विशेष कार्याधिकारी मनोज प्रकाश को जालौन अरविंद कुमार सिंह को मैनपुरी और पुष्पेंद्र पटेल को अंबेडकरनगर में नई जिम्मेदारी दी गई है। योगेश कुमार गौड़ को सहारनपुर तथा ज्योति शर्मा को कानपुर नगर में एसडीएम बनाया गया है।
इसके अलावा कई महिला अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। दीपिका मेहर को शामली सुरभि शर्मा को बागपत प्रतिभा मिश्रा को कानपुर देहात प्रीति तिवारी को बांदा आकांक्षा सिंह को चंदौली मधुमिता सिंह को अंबेडकरनगर रत्निका श्रीवास्तव को रामपुर और वंदना पांडेय को अयोध्या में एसडीएम के रूप में तैनाती मिली है। वहीं कई अधिकारियों को नगर निगमों और विकास प्राधिकरणों में विशेष कार्याधिकारी तथा सहायक नगर आयुक्त के पदों पर नियुक्त किया गया है।
सरकार ने प्रयागराज कानपुर नगर लखनऊ नोएडा ग्रेटर नोएडा अलीगढ़ और अन्य विकास प्राधिकरणों में भी प्रशासनिक बदलाव किए हैं। कई अधिकारियों को औद्योगिक विकास प्राधिकरणों नगर निगमों और स्थानीय निकाय निदेशालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं जिससे शहरी प्रशासन को और मजबूत बनाने की तैयारी दिखाई दे रही है।
तबादला सूची में बहराइच मैनपुरी गाजीपुर बाराबंकी उन्नाव जौनपुर मथुरा प्रयागराज बांदा बागपत लखीमपुर खीरी रायबरेली गोरखपुर अयोध्या देवरिया बिजनौर हरदोई बुलंदशहर गोंडा झांसी वाराणसी कुशीनगर सोनभद्र चित्रकूट और फर्रुखाबाद सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों को शामिल किया गया है। इससे स्पष्ट है कि सरकार ने सीमित फेरबदल के बजाय व्यापक प्रशासनिक पुनर्संरचना का फैसला किया है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इतने बड़े स्तर पर किए गए तबादलों का उद्देश्य शासन की योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारना और कानून व्यवस्था के साथ विकास कार्यों में नई गति लाना है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद जिलों में प्रशासनिक कार्यशैली और योजनाओं के क्रियान्वयन में बदलाव देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में सभी अधिकारी अपनी नई तैनाती वाले जिलों और विभागों में कार्यभार ग्रहण करेंगे जिसके बाद प्रशासनिक गतिविधियां नए सिरे से गति पकड़ेंगी।