MP Tech Growth Conclave : मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल में MP Tech Growth Conclave 3.0 का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के उद्योगपति, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट भी सौंपे। साथ ही गूगल प्ले और मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान भी हुआ।
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40 हजार करोड़ निवेश और 35 हजार रोजगार का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कॉन्क्लेव के दौरान 51 प्रकार की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से प्रदेश में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश और करीब 35 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक स्तर पर तेज विकास करने वाले देशों में अपनी पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश भी अब कृषि प्रधान राज्य से आगे बढ़कर ड्रोन, रक्षा उपकरण और उन्नत तकनीकों के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भोपाल और इंदौर में बनेंगे आधुनिक IT पार्क
सरकार ने प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई नई परियोजनाओं की घोषणा की। इंदौर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जहां प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं भोपाल आईटी पार्क का विस्तार कर करीब चार लाख वर्गफुट क्षेत्र में अत्याधुनिक परिसर बनाया जाएगा।
इसके अलावा भोपाल के कोलार रोड पर पांच एकड़ भूमि में नया आईटी पार्क विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं से आईटी और डिजिटल क्षेत्र की कंपनियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
AI, डेटा सेंटर और वैश्विक निवेश पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष बार्सिलोना यात्रा के बाद स्पेन, अमेरिका और कनाडा की कंपनियों ने मध्यप्रदेश में 228 करोड़ रुपये का निवेश किया।
वहीं 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई डेटा सेंटर के लिए हुए समझौते के बाद संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि अब भोपाल पहुंच चुके हैं। कॉन्क्लेव में CtrlS Datacenters, Kaynes Technology, Fujiyama Power, Nyobolt जैसी कंपनियों के साथ आईआईएम इंदौर और आईआईएसईआर जैसे संस्थान भी भाग ले रहे हैं।
पिछले दो संस्करणों में भी मिला बेहतर निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि MP Tech Growth Conclave के पहले संस्करण में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे लगभग 75 हजार रोजगार के अवसर बने।
दूसरे संस्करण में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया और करीब 48 हजार युवाओं को रोजगार मिला। सरकार को उम्मीद है कि तीसरा संस्करण निवेश, तकनीकी विकास और रोजगार के नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा।