Mahakaushal Times

बांग्लादेश को अमेरिका से मिली टेक्सटाइल छूट, भारत के कपड़ा उद्योग के लिए चिंता का विषय


नई दिल्ली। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौता भारतीय कपड़ा उद्योग के लिए चुनौती बनता दिख रहा है। इस समझौते के तहत बांग्लादेश से अमेरिका को जाने वाले कपड़े पर आयात शुल्क शून्य रखा जाएगा। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा और कठिन हो जाएगी।

उद्योग का कहना है कि अगर बांग्लादेश को शून्य शुल्क पर निर्यात करने की सुविधा मिल रही है तो भारत को भी समान लाभ मिलना चाहिए। मसौदे के अनुसार बांग्लादेश जितने मूल्य का कॉटन अमेरिका को भेजेगा उतने मूल्य के कपड़े और वस्त्र शून्य शुल्क पर अमेरिका को निर्यात कर पाएगा। इससे बांग्लादेशी कंपनियां अमेरिकी बाजार में सस्ती दरों पर अपने उत्पाद बेच पाएंगी।

बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और वहां सस्ती श्रमशक्ति के कारण वस्त्र उत्पादन की लागत कम है। वर्तमान में बांग्लादेश अमेरिका को सालाना 9-10 अरब डॉलर के कपड़े निर्यात करता है और शून्य शुल्क मिलने के बाद यह निर्यात और तेजी से बढ़ सकता है।

भारत के लिए चुनौती

भारत का कुल टेक्सटाइल निर्यात 36-37 अरब डॉलर है जिसमें 2024-25 में लगभग 10 अरब डॉलर अमेरिका को गया। भारत मुख्य रूप से रेडीमेड गारमेंट्स कॉटन मैन-मेड फैब्रिक्स और होम टेक्सटाइल्स निर्यात करता है। बांग्लादेश को मिलने वाली छूट के कारण भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में नुकसान होने का खतरा है।

उद्योग की मांग
टेक्सटाइल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमैन विजय कुमार अग्रवाल का कहना है कि अमेरिका द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही छूट से भारतीय निर्यातकों को नुकसान होगा। इसलिए उद्योग संगठन सरकार से मांग कर रहे हैं कि भारत को भी बांग्लादेश जैसी छूट दी जाए ताकि भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर