इंदौर। मध्य प्रदेश में इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड चार लेन सड़क परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न तहसीलों के कुल 20 गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसके बदले प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों को मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी। मुआवजा राशि निर्धारण में किसानों को उचित मुआवजा देने हेतु बिक्री छाँट की प्रक्रिया अपनाई गई, ताकि किसानों को अधिकतम मुआवजा प्रदान किया जा सके।
इंदौर जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार को जानकारी दी गई कि परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले कुल 626 करोड़ 49 लाख 76 हजार 436 रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। वहीं इस परियोजना से जुड़े कुल 662 प्रभावित खातेदार/परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। निर्धारित मुआवजा के वितरण का कार्य भी प्रारम्भ कर दिया गया है।
ये गांव शामिल
बताया गया कि परियोजना के तहत हातोद और सांवेर तहसील के 20 गांव शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूड़ी सरवर, जिन्दाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबी खेड़ी, पिपलिया कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिया, रंगकराडिया, कछालिया, बलघारा, पोटलोद, टुमनी, मगरखेड़ी, चित्तौड़ा, बालरिया और रालामंडल गांव शामिल है।
किसानों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ
भूमि अधिग्रहण के बदले दी जा रही मुआवजा राशि से प्रभावित किसानों और परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के विकास, परिवहन सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह सड़क धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने विशेषकर सिंहस्थ के लिए भी मददगार होगी।
विकास को मिलेगी नई दिशा
इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन बनने से दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होगा। इसमें रोड के दोनों और सर्विस रोड बनाये जाने का भी प्रावधान रखा गया है साथ ही कई स्थानों पर अंडर पास एवं डक्ट भी बनाये जाएँगे ।इससे औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।