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शिव-शक्ति का पर्व है महाशिवरात्रि… मां पार्वती को भी मनपसंद भोग लगाने मिलता है दोगुना फल


नई दिल्ली।
आज महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) का उत्सव पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ महादेव की पूजा करते हैं. लेकिन महाशिवरात्रि केवल शिव की साधना (Shiva’s Meditation) का ही नहीं बल्कि शिव और शक्ति (Shiva and Shakti) दोनों से जुड़ा महापर्व है. इस पावन दिन पर भक्त अक्सर महादेव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र और धतूरा चढ़ाते हैं लेकिन मान्यता है कि अगर भोग में माता पार्वती की पसंद का भी ध्यान रखा जाए तो पूजा का फल दोगुना हो जाता है।

जब हम शिव और शक्ति दोनों को उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाते हैं तो घर में सुख, शांति और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आइए जानते हैं कि इस बार महाशिवरात्रि की अपनी भोग की थाली को कैसे खास बनाएं कि हमारे ऊपर महादेव और मां गौरी दोनों की असीम कृपा बरसे।


महाशिवरात्रि पर लगाएं ये भोग

भगवान शिव को भोलेनाथ इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि वो बहुत ही सरल चीजों से प्रसन्न हो जाते हैं. इसलिए शिवरात्रि पर भांग, धतूरा और बेर जैसी चीजें चढ़ाई जाती हैं जो हर किसी को आसानी से मिल जाती हैं. लेकिन इसके अलावा भी कुछ ऐसे पकवान हैं जिन्हें शिव और पार्वती को चढ़ाने की मान्यता है.

1. पंचामृत: भगवान शिव को पंचामृत का भोग और अभिषेक अत्यंत प्रिय है. यह दूध, दही, घी, शहद और शक्कर के मिश्रण से बनता है. इसे आत्मा की शुद्धि का प्रतीक माना जाता है.
इसे घर पर कैसे बनाएं
पंचामृत बनाने के लिए एक बर्तन में ताजा दही, दूध, थोड़ा सा शहद, थोड़ी चीनी और थोड़े से गंगाजल को मिलाकर अच्छी तरह फेंट लें. इसमें स्वाद और शुद्धता के लिए बारीक कटे मखाने, सूखे मेवे और तुलसी के पत्ते डालें. सभी सामग्रियों को एक साथ मिलाने के बाद आपका पवित्र पंचामृत भोग के लिए तैयार है.

2. मावा की बर्फी: शिव पूजा में भांग और धतूरे का विशेष महत्व है. भांग को दूध में मिलाकर या इसके लड्डू बनाकर भोग लगाया जाता है. यह भगवान शिव की वैराग्य प्रवृत्ति का प्रतीक माना जाता है.
इसे घर पर कैसे बनाएं
मावे यानी खोया की बर्फी बनाने के लिए कड़ाही में खोया और चीनी डालकर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक वो गाढ़ा होकर कड़ाही न छोड़ने लगे. इसमें इलायची पाउडर और थोड़े कटे हुए ड्राई फ्रूट्स मिलाएं. फिर मिश्रण को घी लगी प्लेट में एक समान फैला दें. हल्का ठंडा होने पर मनचाहे आकार में काट लें.

3. बेलपत्र और मौसमी फल: माता पार्वती और शिव जी को बेर और केले जैसे कई फलों का भोग लगाया जाता है. लेकिन बेर को शिवरात्रि का मुख्य फल माना जाता है. बेर के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है.

4. ठंडाई: शिवरात्रि पर महादेव को केसर, बादाम और पिस्ता मिश्रित ठंडाई का भोग लगाना शुभ होता है. यह मन को शांति प्रदान करने वाला सात्विक भोग है.
इसे घर पर कैसे बनाएं
सबसे पहले बादाम, काजू, पिस्ता, सौंफ, खसखस और काली मिर्च को कुछ घंटों के लिए भिगोकर उनका बारीक पेस्ट तैयार कर लें. अब इस पेस्ट को ठंडे दूध में अच्छी तरह मिलाएं और इसमें स्वादानुसार चीनी, केसर के धागे और गुलाब की पंखुड़ियां डाल दें. अंत में मिश्रण को छान लें या बिना छाने ही बर्फ के टुकड़े डालकर इसे ठंडा ही शिव जी को भोग लगाएं.

5. मखाना खीर: माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए सूखे मेवों से भरपूर मखाने की खीर का भोग लगाया जाता है. यह भोग शक्ति और भक्ति का संगम माना जाता है. मखाने की खीर व्रत में खाई जाती है और इसका भोग शिव को भी लगाया जाता है.
इसे घर पर कैसे बनाएं
सबसे पहले मखानों को घी में हल्का कुरकुरा होने तक भून लें और फिर उन्हें दरदरा पीस लें या छोटे टुकड़ों में काट लें. अब दूध को आधा होने तक उबालें और फिर उसमें मखाने, चीनी और इलायची पाउडर डालकर गाढ़ा होने तक धीमी आंच पर पकाएं. आखिर में अपनी पसंद के बारीक कटे हुए मेवे और केसर डाल दें.

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