पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान खोजराम के रूप में हुई है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने पहले युवक को बहाने से एक सुनसान इलाके में बुलाया। वहां पहले से ही लूट की योजना बनाई गई थी। मौका मिलते ही आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में युवक के शरीर पर चाकू के 18 गहरे घाव पाए गए, जिससे वारदात की क्रूरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। गला रेतने के बाद भी आरोपियों ने कई वार किए, ताकि वह बच न सके।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। मृतक का मोबाइल फोन और सिम कार्ड तोड़कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। इतना ही नहीं, वारदात को हादसा दर्शाने के उद्देश्य से शव को रेलवे पटरी के पास फेंक दिया गया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन से कटने का लगे। लेकिन पुलिस की सतर्कता ने आरोपियों की योजना पर पानी फेर दिया।
बाणगंगा पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मुखबिर तंत्र की मदद से संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक नाबालिग है, जिसे किशोर न्याय अधिनियम के तहत प्रक्रिया में लिया जाएगा, जबकि दूसरे आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की लूट या आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है। एक मामूली लूट के लालच में जिस तरह बेरहमी से हत्या की गई, उसने कानून व्यवस्था और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि आगे की पूछताछ में और खुलासे हो सकें।