मिली जानकारी के अनुसार, यात्री जाहिद उत्तर प्रदेश के Varanasi का निवासी है। वह उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने आया था और दर्शन के बाद वापस अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि वह Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple में दर्शन करने के बाद ट्रेन से वापसी कर रहा था। जिस ट्रेन से वह सफर कर रहा था, वह Ahmedabad–Gorakhpur Express बताई जा रही है।
घटना के दौरान जाहिद कुछ खाने पीने का सामान लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गया था। इसी बीच ट्रेन ने धीरे धीरे चलना शुरू कर दिया। ट्रेन को चलते देख वह घबराहट में जल्दी जल्दी डिब्बे में चढ़ने की कोशिश करने लगा। उसने ट्रेन का हैंडल पकड़कर चढ़ने की कोशिश की, लेकिन जल्दबाजी में उसका पैर फिसल गया और वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर घिसटने लगा। कुछ ही सेकंड में यह स्थिति बेहद खतरनाक हो गई थी।
इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ कॉन्स्टेबल शिवराम मीणा की नजर इस घटना पर पड़ गई। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत दौड़ लगाई और घिसट रहे यात्री को पकड़ लिया। पूरी ताकत लगाकर उन्होंने उसे ट्रेन से दूर खींच लिया और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित कर दिया। यदि कुछ सेकंड की भी देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने आरपीएफ जवान की बहादुरी की जमकर सराहना की। रेलवे अधिकारियों के अनुसार आरपीएफ का Operation Jeevan Raksha अभियान इसी तरह यात्रियों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है, जिसके तहत जवान प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के आसपास लगातार सतर्क रहते हैं।
हादसे में यात्री को मामूली चोटें आई हैं, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि चलती ट्रेन में चढ़ना बेहद खतरनाक होता है और यात्रियों को हमेशा सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं आरपीएफ जवान की तत्परता और साहस से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।