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ऑनलाइन पायरेसी पर कार्रवाई, सरकार ने Telegram के 3,100+ चैनलों को किया चिन्हित


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पायरेटेड कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है। Ministry of Information and Broadcasting ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत यह नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म से कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री हटाने और पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायत के बाद कार्रवाई
यह कदम कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायतों के बाद उठाया गया है। इनमें JioCinema और Amazon Prime Video जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपियां टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर साझा की जा रही हैं।

3,142 चैनलों की पहचान
शिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने कुल 3,142 ऐसे टेलीग्राम चैनलों की पहचान की, जो कथित तौर पर फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री की अवैध कॉपियां शेयर कर रहे थे। सरकार ने टेलीग्राम से इन चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पायरेटेड कंटेंट हटाने को कहा है।

टेलीग्राम फीचर्स का दुरुपयोग
रिपोर्ट्स के अनुसार टेलीग्राम की कुछ सुविधाओं, जैसे बड़ी फाइल शेयरिंग की सीमा और यूजर्स की पहचान छिपाने की क्षमता का कुछ लोगों ने गलत इस्तेमाल किया। इन सुविधाओं का उपयोग कर बड़ी संख्या में पायरेटेड कंटेंट को साझा किया गया, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था। इनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे।

पहले भी ब्लॉक किए गए कई प्लेटफॉर्म
इससे पहले जुलाई 2025 में भी सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, अभद्र या पोर्नोग्राफिक कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप लगे थे।

आईटी नियमों के तहत सख्त प्रावधान
Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, पोर्नोग्राफिक, गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले, लैंगिक या जातीय आधार पर अपमानजनक और हिंसा या नफरत फैलाने वाले कंटेंट को होस्ट या प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है।

ऑनलाइन पायरेसी पर रोक की कोशिश
सरकार की यह नई कार्रवाई ऑनलाइन पायरेसी पर रोक लगाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध या आपत्तिजनक कंटेंट को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कानून के अनुसार जिम्मेदारी निभानी होगी और कॉपीराइट नियमों का पालन करना होगा।

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