अफगान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के मुताबिक, यह हमला भारी हथियारों और मोर्टार से किया गया और कुनार प्रांत के असदाबाद शहर के आसपास हुआ। इस गोलाबारी में कई घरों को नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
क्यों बढ़ रहा है विवाद?
दूसरे देशों के बीच लंबे समय से तनाव है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, खासकर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को, जो अफगान तालिबान से जुड़ा माना जाता है। अफगानिस्तान इन आरोपों से इनकार करता है।
हाल के महीनों में स्थिति
कई महीनों से दोनों देशों के बीच गहमागहमी बढ़ती रही है। फरवरी से सीमा पर लड़ाई तेज हो गई, जिसे दशकों में सबसे गंभीर माना जा रहा है। इस दौरान कई सीमा पार हमले और हवाई हमले हुए। अफगान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने काबुल में एयरस्ट्राइक की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए, जबकि पाकिस्तान ने इसे खारिज किया। पिछले महीने पाकिस्तान ने स्थिति को खुला युद्ध जैसा बताया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है क्योंकि इस क्षेत्र में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकी संगठन सक्रिय हैं।
संघर्ष रोकने की कोशिशें
हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और कतर की मध्यस्थता से ईद-उल-फितर से पहले एक अस्थायी युद्धविराम हुआ था, लेकिन वह जल्दी समाप्त हो गया। नवंबर में इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता से कोई स्थायी समाधान नहीं निकला और अब फिर से संघर्ष जारी है।