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अजय सिंह को नहीं राज्यसभा में दिलचस्पी गोविंद सिंह की दो टूक क्रॉस वोटिंग पर भी जताई चिंता


नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह का बड़ा बयान सामने आया है जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को ऐसे नेताओं को राज्यसभा भेजना चाहिए जिनका मजबूत जनाधार हो ताकि संगठन को मजबूती मिल सके और कार्यकर्ताओं में विश्वास बना रहे।

डॉ गोविंद सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान के हाथ में होगा लेकिन उनकी राय में जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही रणनीतिक चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है जहां उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन जारी है।

इसी दौरान जब पूर्व नेता अजय सिंह के राज्यसभा जाने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि अजय सिंह की इसमें कोई खास रुचि नहीं है। इस बयान ने अटकलों पर विराम लगा दिया और यह संकेत भी दिया कि पार्टी नए चेहरों या अलग समीकरणों पर विचार कर सकती है।

क्रॉस वोटिंग के खतरे को लेकर भी डॉ गोविंद सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से संवाद कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की असंतोष की स्थिति न बने और पार्टी एकजुट होकर चुनाव में उतरे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस तरह के चुनावों में सतर्कता बेहद जरूरी होती है।

वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी के मीडिया विभाग प्रमुख आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके लिए आत्मचिंतन का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब तक राज्यसभा भेजे गए नेताओं का जनाधार नहीं था और क्रॉस वोटिंग की आशंका कांग्रेस के आंतरिक हालात को दर्शाती है।

अगर राज्यसभा की वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्य प्रदेश में कुल 11 सीटें हैं जिनमें से 8 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है जबकि 3 सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस के पास हैं। इस साल तीन सीटें खाली हो रही हैं जिनमें से दो बीजेपी और एक कांग्रेस के हिस्से की है। इनमें से एक सीट पर वर्तमान में दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी दिन बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल भी खत्म होगा जबकि एक अन्य सदस्य जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 में पूरा होगा।

राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ती हलचल यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति और अधिक दिलचस्प हो सकती है। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार को लेकर रणनीति बना रही है वहीं बीजेपी भी अपने समीकरण साधने में जुटी हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि पार्टियां किन चेहरों पर दांव लगाती हैं और क्या चुनाव बिना किसी अप्रत्याशित घटनाक्रम के संपन्न हो पाता है या नहीं।

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