अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि उनका उद्देश्य सनातनी समाज को राजनीतिक रूप से एक मजबूत विकल्प देना है। उन्होंने कहा, “जिस तरह सम्मान के साथ अपना दल, निषाद पार्टी और राजभर पार्टी काम कर रही हैं, उसी तरह हम अपनी सनातनी पहचान के साथ राजनीतिक रूप से सक्रिय होंगे। इसके लिए हमें गठबंधन करना पड़े या अकेले चुनाव लड़ना पड़े, हम इसके लिए तैयार हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि जल्द ही वे भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष नई पार्टी के लिए आवेदन करेंगे। उन्होंने सनातनी समाज के लोगों का आभार जताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
अलंकार अग्निहोत्री का यह कदम उनके इस्तीफे के बाद लगातार चर्चा में रहा। बीते महीने उन्होंने यूजीसी एक्ट और अन्य मुद्दों पर विरोध जताते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया था। हालांकि उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया गया और उन्हें सस्पेंड कर जांच प्रक्रिया शुरू की गई थी।
इस ऐलान के साथ ही अलंकार अग्निहोत्री राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय होने की ओर बढ़ चुके हैं और उनकी नई पार्टी आगामी चुनावों में सनातनी समाज के लिए राजनीतिक विकल्प के रूप में सामने आ सकती है।