Mahakaushal Times

हिंद महासागर में अमेरिकी कार्रवाई तेज, 15,000 किमी पीछा कर ‘बर्था’ तेल टैंकर जब्त

वाशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रतिबंधित तेल कारोबार के खिलाफ अपनी समुद्री कार्रवाई को और सख्त करते हुए हिंद महासागर में एक और टैंकर जब्त किया है। अमेरिकी सेना ने ‘बर्था’ नामक जहाज का हजारों किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे रोक लिया।

कैरेबियन से हिंद महासागर तक चला ऑपरेशन

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के मुताबिक यह अभियान कैरेबियन सागर से शुरू हुआ और लगभग 15,000 किलोमीटर तक निगरानी के बाद हिंद महासागर क्षेत्र में जाकर पूरा हुआ। इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तीसरी बड़ी जब्ती बताया गया है।

अमेरिका का दावा है कि यह टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर चीन जा रहा था और इसका संबंध ईरान से जुड़े प्रतिबंधित नेटवर्क से था।

ट्रंप प्रशासन की सख्त नीति का हिस्सा

यह कार्रवाई पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस रणनीति के तहत बताई जा रही है, जिसके जरिए प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल निर्यात करने वाले जहाजों पर नाकाबंदी बढ़ाई गई थी।
अमेरिका पहले ही ऐसे कई जहाजों को निशाने पर ले चुका है जो प्रतिबंधित ऊर्जा व्यापार से जुड़े बताए जाते हैं।

जहाज पर चढ़ाई कर की गई जब्ती

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने रातभर चले ऑपरेशन में ‘बर्था’ पर चढ़ाई (Boarding Operation) की और बिना किसी टकराव के उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।

यह जहाज कुक आइलैंड्स के ध्वज तले चल रहा था और अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के प्रतिबंधों की सूची में शामिल संस्थाओं से जुड़ा बताया गया है।

लाखों बैरल तेल लेकर जा रहा था टैंकर

रिपोर्ट के अनुसार, यह टैंकर वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से जुड़ा था और करीब 19 लाख बैरल भारी कच्चा तेल लेकर एशिया की ओर बढ़ रहा था।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ऐसे जहाज प्रतिबंधों से बचने के लिए लंबी समुद्री मार्ग रणनीति अपनाते हैं।

इंडो-पैसिफिक कमांड के तहत हुई कार्रवाई

यह अभियान INDOPACOM के जिम्मेदारी क्षेत्र में अंजाम दिया गया। अमेरिकी सेना के अनुसार, तीन संदिग्ध जहाजों की पहचान की गई थी और अब तीनों को पकड़ लिया गया है।

मालदीव के पास मिला अंतिम लोकेशन सिग्नल

समुद्री ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार, जहाज की अंतिम लोकेशन मालदीव के तट के पास दर्ज की गई थी, जिसके बाद अमेरिकी बलों ने उसे इंटरसेप्ट किया।

क्या है संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार्रवाई वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर निगरानी और प्रतिबंधों के सख्त अनुपालन का संकेत है। अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि प्रतिबंधों को दरकिनार कर होने वाले समुद्री तेल व्यापार पर वह लंबी दूरी तक पीछा कर कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

MADHYA PRADESH WEATHER

आपके शहर की तथ्यपूर्ण खबरें अब आपके मोबाइल पर