सांसद में हंगामे और जनता पर भ्रम का असर: सीएम मोहन यादव बोले- बिना तथ्यात्मक आधार के राजनीति से समाज और युवाओं में फैल रही है गलतफहमी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संसद में लगातार हो रहे हंगामे और बिना तथ्यों के राजनीति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि तथ्यहीन बयानों से समाज और युवाओं में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है, जिसके लिए विपक्ष को माफी मांगनी चाहिए।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बयानो ने देश की राजनीतिक गलियारों में एक नयी बहस , सा छेड़ दी है। ठीक सा कहे तो जनता और समाज के बीच एक अजीब सी उलझन तब बनती है , जब बिना किसी पुख्ता , वास्तविक घटना के संसद जैसे ऊँचे मंचों पर बड़े-बड़े मुद्दे उछाले जाते हैं। पिछले करीब 15 दिनो से संसद की कार्यवाही में जो लगातार हंगामा और अवरोध चल रहा है ना, उसका सीधा असर आम जनता तक पहुंच रहा है, और बुनियादी मसलों से ध्यान धीरे-धीरे हट सा जा रहा है।
फैक्ट के बिना बयानबाजी, और असल जमीन वाला सवाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल गांधी के बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि पहले नीट का मुद्दा उठाया गया और अब छात्र आंदोलन के नाम पर गोली चलने जैसी बातें कही जा रही हैं। लेकिन असल बात ये है कि अगर ऐसी घटना हुई ही नहीं तो जनता के बीच इस तरह के तथ्यहीन सवाल बार बार क्यों रखे जा रहे हैं। उनका कहना है , किसी भी राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर बोलने से पहले उसकी जमीनी हकीकत पता होना चाहिए , वरना समाज में बस भ्रम और शक ही फैलता रहता है, और लोग दिशाहीन हो जाते हैं।
झारखंड के छात्रों वाले मसले पर दोहरा रवैया , चर्चा में
अब ये सवाल तेज़ी से उठ रहा है कि क्या राजनीतिक दलो के लिए छात्र-हित बस अपने-अपने राजनीतिक फायदो का साधन बनकर रह गया है। सीएम यादव ने राहुल गांधी की भूमिका पर निशाना साधते हुए कहा कि वे छात्रों के अधिकारों की बात तो जोर जोर से करते हैं, लेकिन झारखंड के छात्रों से जुड़े गंभीर मामलों पर उनकी चुप्पी , या फिर अलग ही रुख साफ तौर पर दोहरे मापदंड को दिखाता है। अगर विपक्ष सच में छात्रो के भविष्य को लेकर चिंतित है तो फिर हर राज्य के छात्रों के मुद्दों पर समान और निष्पक्ष ढंग से अपना पक्ष रखना चाहिए।
संसद में असरदार चर्चा और जनहित की दिशा में समाधान की गुज़ारिश
लोकतंत्र की असली ताकत सदन के भीतर होने वाली स्वस्थ और तथ्यात्मक चर्चा में ही है। पिछले करीब 15 दिनों से संसद की कार्यवाही बाधित होने की वजह से, जनता से जुड़े अहम विषयों पर बात करने के रास्ते ही बंद होते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि विपक्ष हंगामा करने के बजाय, संसद के अंदर रहकर सरकार से सवाल पूछे ताकि हर बात साफ हो सके , और जनता के सामने सच्चाई सामने आए। समाज और देशहित को सामने रखते हुए , बिना तथ्यों के राजनीति करने पर रोक लगनी ही चाहिए।
